Disk Defragmentation क्या है | Disk Defragmentation In Hindi?

Disk Defragmentation क्या है, जाने Fragmented Data को Defragment कैसे करें?
Disk Defragmentation

फ्रेंड्स हम में से जो भी लोग कंप्यूटर का उपयोग करते या कंप्यूटर में इंटरेस्ट रखते है उन्हें कभी न कभी कंप्यूटर के एक ऐसे टर्म के बारे में सुनने को मिला होगा जिसके नाम है Disk Defragmentation. पर क्या आपने कभी इन टर्म के बारे में सोचा है कि आखिर ये होता क्या है, क्या है डिस्क डिफ्रैग्मेंटेशन। अगर आपको इसके बारे में जानकारी है तो बहुत ही अच्छी बात है यदि नहीं है और आज आप इसी के बारे में जानना चाहते है तो आप सही जगह है, आज हमलोग इस आर्टिकल में डिस्क डिफ्रैग्मेंटेशन के बारे में ही चर्चा करने जा रहे है, तो चलिए शुरू करते है.... 


Disk Defragmentation क्या है? Disk defragmentation kya hai?
Disk Defragmentation

कंप्यूटर के हार्डडिस्क में Fragmented अर्थात बिखरी पड़ी हुई डाटा को एक क्रम में व्यवस्थित करने की प्रक्रिया को Disk Defragmentation कहा जाता है।

इसको और अधिक गहराई से जानने के लिए हमें सबसे पहले Data Fragmentation के बारे में जानना जरुरी है....  

Data Fragmentation क्या है?

कंप्यूटर में राखी जानेवाली किसी एक पर्टिकुलर डाटा का कई टुकड़ों में बंटकर Hard Disk पर Save होना डाटा फ्रेगमेंटेशन कहलाता है।

अब इन दोनों के कांसेप्ट को क्लियर करने के लिए हमें यह जानना होगा कि Hard Disk पर डाटा कैसे Save होता है....

मैं यह बताना चाहूंगा कि Complete एक Hard Drive कई पार्ट से मिलकर बना होता है परंतु इनके जिस पार्ट पर डाटा को रखा जाता है वो है इसका Disk जिसे Platter भी कहा जाता है जो इसके अंदर होता है। यह एक Movable Part होता है जो एक मोटर की सहायता से (जिसे Spindle Motor कहा जाता है) घूमता रहता है।

HDD Logical Structure

यह एक Magnetic Disk होता है जिसका Surface (सतह) Logically कई हिस्सों में बंटा होता है। इसपर 360 डिग्री सर्किल नुमा आकार में कई सारे पाथ बने होते है जिसे Track कहा जाता है जिसपर Read/Write Head मूव करता है, फिर यह सभी Track भी कई हिस्सों में बंटे होते है जिसे Sector कहा जाता है और वास्तव में इसी Sector पर Magnetic Concept की मदद से Data रखा जाता है। कई सारे Sector के Group को Cluster कहा जाता है, इसकी Size ऑपरेटिंग सिस्टम तथा हार्ड डिस्क की Size पर निर्भर करता है।

अब बात करें इसमें डाटा रखने का कांसेप्ट क्या है तो हमारे कंप्यूटर सिस्टम में जो भी ऑपरेटिंग सिस्टम होती है वह इसमें कोई भी डाटा या प्रोग्राम पूरी Space Cover करते हुए एक Sequence में यानि प्रत्येक Sector में क्रम से रखने का काम करती है परंतु यह केवल तब तक हो पाती है जब तक कोई पुरानी डाटा Delete नहीं किया गया हो क्योंकि जब पुरानी डाटा Delete होगी तो बीच में उस डाटा के लिए जितनी भी सेक्टर अलॉट किया गया होगा वह खाली हो जायेगा और आगे कोई भी Data Write करने के दौरान पहले इस सेक्टर को भरने का काम करेगा फिर आगे कहीं और की सेक्टर को जिस कारण ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा किसी एक फाइल को भी कई टुकड़ों में बाँट-बाँट कर सेक्टर को भरना पड़ता है जिससे Data Fragment हो जाता है यानि बिखर जाता है इसलिए डाटा Read तथा Write दोनों वक्त Processing Time ज्यादा लगने लगता है और वर्किंग थोड़ी स्लो हो जाती है, जिससे बहुत सारे Resources की हानियाँ होती है।

इसी समस्या से बचने के लिए Disk Defragment का कांसेप्ट लाया गया है। इसमें डाटा के टुकड़ों को अलग-अलग सेक्टर से निकालकर सभी अलग-अलग Type के File को क्रम से Sector Allot करके एक Sequence में रख दिया जाता है यानि Defrag कर दिया जाता है जिससे डाटा Read/Write में लगनेवाला Time कम हो जाता है क्योंकि यदि किसी File या Program की सभी डाटा एक ही जगह क्रम से सेक्टर पर मिल जाये तो जो Time बिखरे पड़े डाटा को इकट्ठा करने में लगता है वो Time बच जाता है जिससे Processing Time भी बढ़ जाती है।

अपने कंप्यूटर के हार्ड डिस्क को Defragment कैसे करें?

अपने कंप्यूटर के हार्ड डिस्क को हम दो तरीके से Defrag कर सकते है जिसमे से पहला है अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद Disk Defragmenter Utility Software के द्वारा तथा दूसरा है Third Party Software Install करके। परंतु अभी हमलोग केवल Windows Operating System में मौजूद Disk Defragmenter के बारे में सभी Step को जानेंगे.... 
Disk Defragmenter Window Interface

वैसे तो विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम आधारित कंप्यूटर सिस्टम में Disk Defragmenter को Open करने के कई तरीके है परन्तु यहाँ कुछ ऐसे तरीके का वर्णन किया जा रहा है जो Windows के सभी Version (Windows7,8,10) में एक सामान लागु होता है, इसके लिए....
  • Search baar में जाएँ और यहाँ Type करें Disk Defragmenter या Defragmenter उसके बाद आपके Search List में Disk Defragmenter Utility दिखाई देने लगेगा, जिसपर क्लिक कर ओपन कर लें....या Windows + R Key दबाकर Run Command Box ओपन करें और यहाँ Type करें dfrgui फिर OK पर क्लिक कर दें....
  • उसके बाद आपके सामने Disk Defragmenter ओपन हो जाएगी....
  • यहाँ आप जिस भी Volume को Defragment करना चाहते है उसके सेलेक्ट कर Analyse पर क्लिक करे....
  • उसके बाद Disk Defragmenter Utility आपके Selected Volume को Analyse करने लगेगा जो Percentage में बढ़ता दिखाई देगा....100% पूरा होने के बाद Fragment Percentage दिखाई देगा....
  • अगर यदि उस Volume की Fragment Percentage 10% से ज्यादा हो तो अवश्य ही Defragment कर लें....Defragment के लिए किसी में Defragment आप्शन होगा तो किसी में Optimize....इसपर क्लिक कर Defrag कर लें....
  • इसी तरह एक-एक करके सभी Volume को Defragment करें....
आप इस कार्य को Manually करने के बजाय इसके लिए Weekly या Monthly Schedule भी Set कर सकते है, इसके लिए....
  • Disk Defragmenter Utility विंडो के ऊपर Configure Schedule या Change Setting का आप्शन मिलेगा जिसपर क्लिक कर Schedule Set कर सकते है....

Disk Defragmentation के फायदे?

  • कंप्यूटर की परफॉरमेंस अच्छी रहती है।
  • हार्ड डिस्क की लाइफ भी बढ़ती है।
  • किसी भी सॉफ्टवेयर पर कार्य के दौरान लैगिंग का सामना नहीं करना पड़ता है।
  • फ़ास्ट बूटिंग होती है।
  • प्रोग्राम तथा डाटा क्रैश होने का भी चांस कम हो जाता है।
  • रिसोर्सेज कम यूज़ होने के कारण लैपटॉप के केस में Battery Backup Increase होती है।
इन्हें भी देखें:→

फ्रेंड्स हमें उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको Disk Defragmentation के बारे में कोई Confusion नहीं रही होगी, फिर भी किसी प्रकार की कोई प्रश्न हो तो बेझिझक Comment के माध्यम से पूछ सकते है। अगर यदि यह आर्टिकल आपको पसंद आई हो तो अपने और लोगों के साथ Share जरूर करें। Comtech In Hindi से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद !