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क्लाउड स्टोरेज क्या है | Cloud storage kya hai? यहाँ जानें?

क्लाउड स्टोरेज क्या है? What is Cloud Storage in hindi?

फ्रेंड्स हम सभी आज कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी के युग में जी रहे है जहाँ ज्यादातर कार्य कंप्यूटराइज्ड हो गया है ऐसे में जो भी कंप्यूटराइज्ड डाटा होती है उसे सुरक्षित रखना भी बहुत ही जरुरी है। हमारे पास Data Store करने के जो भी साधन जैसे- Hard Drive, SSD, Flash Drive इत्यादि होते है उसमे एक सिमित मात्रा में ही डाटा को स्टोर रखा जा सकता है। साथ ही इन सभी माध्यम में डाटा रखने में सबसे बड़ा रिस्क यह होता है कि अगर यदि किसी कारणवस ये क्रेश हो जाता है तो हमारी सारी महत्वपूर्ण डाटा पूर्ण रूप से गायब हो सकती है। अब कुछ पल के लिए सोचा जाय कि अगर यदि यही समस्या किसी बड़ी कंपनी या बैंक के साथ हो जाये तो क्या होगा, बहुत ही बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। इन्ही सारी समस्याओं से निजात पाने के लिए एक ऐसा ऑनलाइन डाटा स्टोरेज प्लेटफार्म बनाया गया है जिसे Cloud Storage कहा जाता है।

क्लाउड स्टोरेज आज के महत्वपूर्ण और पोर्टेबल कंप्यूटराइज्ड डिवाइस जो है मोबाइल के लिए तो और भी महत्व रखता है क्योंकि एक तो मोबाइल में स्टोरेज सिमित होती है और इसके खोने का डर या चोरी होने का डर या ख़राब होने का डर भी बना रहता है। ऐसे में अगर यदि जब कभी हमारे मोबाइल के साथ कोई दुर्घटना हो जाती है तो उसमे रखे हमारे महत्वपूर्ण डाटा भी गायब हो जाती है, ऐसी स्थिति में यदि हमारी डाटा किसी क्लाउड स्टोरेज पर होती है तो वे सुरक्षित बने रहते है, इसलिए क्लाउड स्टोरेज आज के समय में एक आम इंसान से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियों के लिए भी जरुरत बन गयी है। पर क्या आपको पता है क्लाउड स्टोरेज क्या होता है, क्लाउड स्टोरेज कैसे काम करता है, क्लाउड में हम जो भी डाटा रखते है वह कहाँ स्टोर होता है वगैरह-वैगरह, अगर ऐसे ही सवालों को ढूंढते हुए यहाँ तक आयें है तो आप सही जगह है क्योंकि आज हमलोग इस आर्टिकल में क्लाउड स्टोरेज के बारे में ही विश्लेषण करने जा रहे है इसलिए आपसे आग्रह है की पूरी आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पढ़ें.... 

क्लाउड स्टोरेज क्या है? Cloud storage kya hai?


क्लाउड स्टोरेज एक ऐसा ऑनलाइन डाटा स्टोरेज सर्विस मॉडल है जिसमे किसी भी कंप्यूटराइज्ड डाटा को किसी रिमोट लोकेशन में मोजूद डाटा सेंटर के सर्वर कंप्यूटर में स्टोर रखा जाता है जिसको हमें कहीं से भी ऑनलाइन अपलोड, डाउनलोड तथा मैनेज करने की सुविधा दी जाती है, साथ ही क्लाउड स्टोरेज को यूज़ करने के लिए आज के लेटेस्ट कंप्यूटराइज्ड मशीन तथा सॉफ्टवेयर में आटोमेटिक सिंकिंग की भी सुविधा दी जाती है जिसकी मदद से हमारे किसी भी डिवाइस की डाटा ऑटोमेटिकली ही हमारे द्वारा चयन की गयी क्लाउड स्टोरेज में सेव हो जाती है जिसको हम कहीं से भी मैनेज तथा एक्सेस कर सकते है।
Cloud Storage के उदाहरण है- Google Drive, One Drive, Dropbox etc.

क्लाउड स्टोरेज कैसे कार्य करता है? How Cloud Storage works?

How Cloud Storage works?

हम सभी जान चुके है कि Cloud Storage में डाटा को ऑनलाइन स्टोर किया जाता है परंतु सब के दिमाग में एक Confusion जरूर पैदा होता होगा की आखिर ये डाटा ऑनलाइन इतनी सुरक्षित कहाँ रहता है कहीं से तो इस डाटा को Manage किया जा रहा होगा और वास्तविक में होता भी यही है, Cloud Storage Provide कराने वाली बड़ी-बड़ी Company होती है जैसे- Google, Microsoft, Amazon Etc. जो ये सर्विस देती है। इसके लिए इन सभी कंपनी की अपनी बड़ी-बड़ी Data Centre होती है जहाँ बहुत सारे High End Server Computer लगी होती है जिसकी Data Storage क्षमता बहुत ही ज्यादा होती है। इन डाटा सेंटर को इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ दिया जाता है और इनकी Storage Space को Cloud Storage के रूप में बेचा जाता है जिसको एक सामान्य उपयोगकर्ता से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनी, बैंक इत्यादि खरीदती है जिसके बदले में क्लाउड स्टोरेज प्रोवाइडर कंपनी Rent लेती है।

अब बात आती है कि ये सभी Cloud Storage प्रोवाइड करनेवाली कंपनी Client (ग्राहक) की डाटा को इतनी सुरक्षित तथा दावे के साथ कैसे रख पता है कभी न कभी इनकी सिस्टम में भी तो खराबी आती होगी, तो ये बात बिलकुल सत्य है इसके लिए ये सभी कंपनी पहले से ही डाटा को केवल एक Data Centre में ना रखते हुए इसकी कई अलग-अलग Backup रखती है। अगर किसी कारणवस किसी का डाटा एक जगह से गायब भी हो जाये तो यूजर को जानकारी भी नहीं होती है और उनकी डाटा दूसरी जगह से एक्सेस किया जाने लगता है जिस कारण उनका डाटा हमेशा इन्टरनेट पर Live ही रहता है। साथ ही ये सभी कंपनी डाटा को Protected रखने की भी जिम्मेदारी लेती है।

इन सारी कार्यों को Manage करने के लिए इनके पास 24*7 Management Team लगी रहती है। 

कोई भी क्लाइंट Cloud Storage पर अपने लिए Space कहीं से किसी भी समय खरीद कर सकता है, इसके लिए केवल इनके Website पर जाकर इनकी Terms & Condition को Follow करते हुए अपना एक Account क्रिएट करना होता है उसके बाद इनकी Rate के अनुसार Rent Payment करना पड़ता है फिर Client को Cloud पर Space Allot कर दिया जाता है। क्लाइंट को अपने Space को Access करने के लिए एक User ID/Password होता है जिसके माध्यम से Log In करके अपने स्पेस को Access, Manage तथा Control कर सकता है।

लगभग सभी Cloud Storage Provider Company 2GB से 50GB तक Space बिलकुल फ्री देती है। इससे ज्यादा Space लेने के लिए Rent चुकाने पड़ते है। जैसे Google Drive में हमें एक Gmail Account पर 15GB Space बिलकुल Free of cost एक्सेस करने को मिलता है।

क्लाउड स्टोरेज की विशेस्ताएं? Advantage of Cloud Storage?

  • इसमें रखी डाटा हमेशा सुरक्षित रहती है तथा इसकी सारी जिम्मेदारी Cloud Storage Provider कंपनी की होती है।
  • इसमें राखी डाटा को हम Online Internet के माध्यम से कहीं से भी Access कर सकते है।
  • क्लाइंट अपनी जरुरत के अनुसार कभी भी अपनी Space को घटा या बढ़ा सकता है।
  • क्लाइंट को अगर कुछ दिनों के लिए ही Storage की जरुरत हो तो भी Deal किया जा सकता है जिसके लिए क्लाइंट से उतने ही दिनों का Rent लिया जायेगा।
  • क्लाइंट को Physical Storage Device को रखने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है।
  • किसी भी डाटा को हमेशा Online Live रखना आसान होता ही साथ ही जरुरत के अनुसार किसी दूसरे पार्टी को किसी भी वक्त Data Provide कराना आसान हो जाता है।
  • Online Data Management करना आसान होता है।

क्लाउड स्टोरेज की हानियाँ? Disadvantage of Cloud Storage?

  • क्लाउड स्टोरेज पर डाटा रखने के लिए Upload तथा प्राप्त करने के लिए Download करना पड़ता है जिसके लिए हमेशा High Speed इन्टरनेट की जरुरत होती है।
  • साधारण यूजर के लिए ये सर्विस थोड़ी महँगी होती है।
  • Rent समय-समय पर Pay करना जरुरी होता है।
वैसे सामान्य तौर पर देखा जाय तो Cloud Storage के केस में Advantage की तुलना में Disadvantage बहुत ही कम है।
इन्हें भी देखें:→

Conclusion:
फ्रेंड्स हमें उम्मीद है की हमारे द्वारा क्लाउड स्टोरेज के बारे में लिखी गयी इस आर्टिकल को पढने के बाद आपको Cloud Storage के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला होगा, फिर भी किसी प्रकार की Confusion रह गई हो तो कमेंट के माध्यम से बेझिझक पूछ सकते है, यह आर्टिकल आपको कैसी लगी इसकी प्रतिक्रिया कमेंट के माध्यम से जरुर दें, साथ ही अगर यदि यह आर्टिकल आपको अच्छी लगी हो तो अपने Friend Circle में अधिक से अधिक Share करें। इसी प्रकार की और भी आर्टिकल पढ़ते रहने के लिए Comtechinhindi.IN से जुड़े रहें....धन्यवाद!

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