कंप्यूटर और लैपटॉप में क्या अंतर है | हमें लैपटॉप लेना चाहिए या डेस्कटॉप?

कंप्यूटर और लैपटॉप में क्या अंतर है? Computer or Laptop me kya antar hai?

फ्रेंड्स हम में से जो भी लोग जब कभी नयी कंप्यूटर खरीदने के बारे में सोचते है या मार्केट में नयी कंप्यूटर लेने जाते है तो हम सभी के दिमाग में एक प्रश्न आता है की कंप्यूटर यानि डेस्कटॉप लें या लैपटॉप, यहाँ तक की कई नए लोगों के दिमाग में तो ये भी सवाल आता है कि कंप्यूटर-लैपटॉप में मुख्य अंतर क्या है जबकि इन दोनों के कार्य की बात करें तो ये दोनों ही एक समान कार्य करते है, पर वास्तव में ऐसा नहीं है की ये दोनों समान कार्य करते है या इन दोनों की क्षमता एक समान है।

कंप्यूटर और लैपटॉप के बीच अलग-अलग तरह के बहुत सारे अंतर है। आज हमलोग इस टॉपिक में कंप्यूटर और लैपटॉप के बीच में अंतर क्या है, दोनों में किसकी ताकत अधिक है और हमें अपनी जरुरत के आधार पर डेस्कटॉप और लैपटॉप में से कौन सा खरीदना चाहिए के बारे में अलग-अलग पॉइंट पर चर्चा करेंगे, इसलिए आपसे आग्रह है कि पूरी आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पढ़ें। तो चलिए शुरू करते है....

कंप्यूटर और लैपटॉप में क्या अंतर है? Difference between Computer & Laptop in hindi?

Computer or Laptop me kya antar hai

कंप्यूटर और लैपटॉप में अंतर की बात करें तो कंप्यूटर जिसे डेस्कटॉप कहते है यह लैपटॉप के तुलना में एक बड़ी सी मशीन होती जिसे हमलोग Desk यानि Table पर रखकर यूज़ करते है इसलिए इसे डेस्कटॉप कहते है। इनके सारे Input, Processing, Output पार्ट डेडिकेटेड अलग-अलग होते है, जिसको हमलोग एक दूसरे से कनेक्ट करके उपयोग करते है, जिस कारण यह भारी हो जाता है इसलिए इसे हम हमेशा एक जगह से दूसरे जगह आसानी से नहीं ले जा सकते है। डेस्कटॉप के केस में Keyboard, Mouse, Monitor (Display Unit) अलग से इसके मुख्य डिवाइस System Unit (जिसे आम तौर पर CPU कहते है) जो Computational कार्य को करते है, में लगाते है और एक पूरी कंप्यूटर सिस्टम के रूप में इसे उपयोग करते है। इसमें हमें अलग से Uninterrupted Power (Fluctuation रहित Electricity) देने की जरुरत पड़ती है।

जबकि लैपटॉप की बात करें तो लैपटॉप भी एक कंप्यूटर ही है जो एक हल्की सी Foldable मोड़ने वाला Complete Computer System होता है जिसे हम आसानी से अपनी Lap यानि "गोद" में रखकर भी यूज़ कर सकते है इसलिए इसे Laptop कहा जाता है। इसमें Input, Processing, Output सभी छोटे साइज के पार्ट को एक ही बॉडी के अंदर लगाकर डिजाईन किया गया होता है जिस कारण यह हल्की होती है। लैपटॉप में Keyboard, Touchpad (जो Mouse की तरह कार्य करता है), Display Unit, Processing Unit को एक ही बॉडी में एडजस्ट किया गया होता है, साथ ही इसमें Power (Electricity) के लिए एक Battery भी लगी होती है जो लैपटॉप को 5-6 घंटे तक Power Backup भी देती है। लैपटॉप हल्की तथा छोटे साइज के होने के कारण इसे हमलोग आसानी से एक बैग के अंदर ही रखकर कहीं भी ले जा सकते है और Power Backup की सुविधा होने के कारण इसका इस्तेमाल कहीं भी कर सकते है।
अब बात आती है कि....

डेस्कटॉप और लैपटॉप में किसकी ताकत अधिक है अर्थात किसकी परफॉरमेंस अच्छी है?

अगर डेस्कटॉप और लैपटॉप के बीच में ताकत या परफॉरमेंस की बात करें तो यहाँ डेस्कटॉप आगे है। क्योंकि डेस्कटॉप में लैपटॉप के तुलना में Complexity कम होती है तथा इसके सभी पार्ट हैवी होते है और इसमें Cooling के लिए भी अच्छी साधन होती है इसलिए इसकी परफॉरमेंस लैपटॉप से अच्छी होती है।

परंतु लैपटॉप की बात करें तो यह एक Complex Device होती है क्योंकि इसमें छोटे-छोटे आकार के सभी पार्ट लगे होते है तथा इसमें डेस्कटॉप की तरह प्रयाप्त जगह नहीं होने के कारण Cooling की साधन भी उतनी अच्छी नहीं होते है जिस कारण एक समान कॉन्फ़िगरेशन होते हुए भी डेस्कटॉप के तुलना में इसकी परफॉरमेंस कम रह जाती है। हालाँकि एक लैपटॉप के लायक प्रयाप्त Cooling Facility दी गयी होती है।
  

हालाँकि डेस्कटॉप और लैपटॉप में दोनों की अपनी-अपनी अलग-अलग विशेषताएं और हानियाँ है।

अगर डेस्कटॉप की परफॉरमेंस अच्छी होती है तो लैपटॉप की पोर्टेबिलिटी अच्छी होती है, क्योंकि लैपटॉप एक कम्पलीट कंप्यूटर सिस्टम होने के कारण हम लैपटॉप को कहीं भी ले जा सकते है और उसपर कार्य कर सकते है परंतु डेस्कटॉप के साथ ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि इसमें सभी पार्ट जैसे- Keyboard, Mouse, Monitor, System Unit अलग से होने के कारण यह एक भारी सिस्टम बन जाता है, जिस कारण इसकी पोर्टेबिलिटी आसान नहीं होती है।

लैपटॉप में हमे Power (Electricity) के लिए बोझ नहीं उठाना पड़ता क्योंकि इसमें एक बैटरी लगी होती है जिसको केवल मोबाइल की तरह चार्ज करना पड़ता है। परंतु डेस्कटॉप में हमें Power (Electricity) का बोझ उठाना अति आवश्यक हो जाता है क्योंकि अगर यदि डेस्कटॉप को डायरेक्ट घर के 220V AC Supply से चलाना संभव नहीं है क्योंकि ये बिजली कभी भी Fluctuate हो सकती है या कट सकती है जिससे किये जा रहे काम और डिवाइस दोनों को छाती होती है इसलिए इसके लिए हमें अलग से UPS + Battery की व्यवस्था करनी होती है।

डेस्कटॉप में हमें ज्यादातर पार्ट को Upgrade करने का भी ऑप्शन मिल जाता है जबकि लैपटॉप में हम कुछ ही पार्ट को Upgrade कर सकते है।

अगर डेस्कटॉप किसी खास कंपनी का ब्रांडेड ना लेकर Assemble करवाया जा रहा हो तो हमें सभी पार्ट को अपनी इच्छानुसार सेलेक्ट करने का भी ऑप्शन मिलता है, ब्रांडेड में हम ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि Branded Desktop के भी सभी पार्ट उसी कंपनी के द्वारा ही डिजाईन तथा सेलेक्ट किये गए होते है जिसमे हम अपनी इच्छानुसार फेरबदल नहीं कर सकते।

डेस्कटॉप के सभी पार्ट्स आसानी से उपलब्ध हो जाते है जबकि लैपटॉप के पार्ट्स आसानी से उपलब्ध नहीं हो सकते है।

लैपटॉप की रिपेयरिंग महँगी तथा मुश्किल है साथ ही इसकी सर्विस सेंटर भी हर जगह उपलब्ध नहीं होती है। जबकि डेस्कटॉप की रिपेयरिंग बहुत ही आसान तथा सस्ती है साथ ही इसकी सर्विस सेंटर भी हर जगह उपलब्ध होती है।

लैपटॉप में हमें अलग से Keyboard, Mouse लगाने की जरुरत नहीं पड़ती है जबकि डेस्कटॉप में हमें अलग से ही Keyboard, Mouse लगाना पड़ता है।

लैपटॉप में इलेक्ट्रिसिटी खपत कम होती है जबकि डेस्कटॉप में इलेक्ट्रिसिटी बहुत ही ज्यादा खपत होती है।

लैपटॉप डेस्कटॉप के तुलना में महँगी होती है जबकि डेस्कटॉप लैपटॉप के तुलना में सस्ती होती है।

अब बात आती है कि....

डेस्कटॉप और लैपटॉप में किसकी लाइफ अच्छी होती है?

तो इस प्रश्न का जबाब है कि अमूमन यह देखा गया है कि Desktop की Life बहुत ही ज्यादा होती है, क्योंकि अगर डेस्कटॉप के सारे पार्ट्स अच्छी कंपनी का हो तो एक डेस्कटॉप 8-10 साल आराम से चल जाती है।

जबकि वहीँ Laptop की Life की बात करें तो अमूमन यह देखा गया है कि 5-6 साल में लैपटॉप की स्थिति काफी ख़राब हो जाती है।

हालाँकि डेस्कटॉप या लैपटॉप हो अन्यथा कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस इसके लाइफ के बारे में पहले से ही 100% अनुमान नहीं लगाया जा सकता है क्योंकि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस की लाइफ बहुत सारे फैक्टर पर निर्भर करता है जैसे- Parts Quality, Maintenance, Signal Interference, Power Source इत्यादि।
अब बात आती है कि....
  

हमें लैपटॉप लेना चाहिए या डेस्कटॉप?

इस प्रश्न के लिए हम अपनी तरफ से क्लियर कर देना चाहूंगा कि यह आपके कार्य पर निर्भर करता है कि आपको लैपटॉप लेना चाहिए या डेस्कटॉप।

अगर आप Gaming, Video Editing, Graphic Designing जैसे कार्यों के पर्पस से कंप्यूटर ले रहे है या कोई अतिरिक्त वैसे कार्यों के लिए ले रहे है जिसमे आपको परफॉरमेंस अच्छी चाहिए और एक ही जगह पर कार्य करना हो और आपके पास Fluctuation रहित Power की साधन हो तो आपके लिए डेस्कटॉप ही बेहतर विकल्प है।

यदि आप एक Employee, Student, Field Worker जैसे पर्सन है जिसमे आपको एक सामान्य कंप्यूटर की जरुरत है या फिर आपका काम वैसा है जिसमे अलग-अलग जगह पर जाकर या कहीं से भी कंप्यूटर पर काम करने की जरुरत पड़ती हो, तो फिर आपके लिए लैपटॉप ही बेहतर विकल्प है क्योंकि इसमें आपको एक कम्पलीट कंप्यूटर सिस्टम पावर फैसिलिटी के साथ छोटे से साइज में उपलब्ध हो जाता है जिसको एक बैग में भी Carry कर सकते है और कहीं से भी अपना कार्य कर सकते है।

वैसे आज अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग तरह के Powerful Laptop भी मार्केट में उपलब्ध है जिसकी परफॉरमेंस भी अच्छी होती है, परंतु जब लैपटॉप और डेस्कटॉप दोनों की तुलना के आधार पर परफॉरमेंस की बात आती है तब हमेशा डेस्कटॉप ही आगे रहता है, परंतु हम किसी भी डिवाइस को केवल एक ही पहलु को ध्यान में रखकर नहीं ले सकते क्योंकि अपनी जरुरत को भी देखना पड़ता है, इसलिए यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आपको क्या लेना है।

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फ्रेंड्स हमें उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको लैपटॉप और डेस्कटॉप में क्या अंतर है, समझ में आ गया होगा। अगर यदि यह आर्टिकल आपको पसंद आई हो तो अपने फ्रेंड सर्किल अधिक से अधिक इसे शेयर करें साथ ही यदि आपके पास इससे संबंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट के माध्यम से हम तक पहुंचाएं। Comtech In Hindi से जुड़े रहने के लिए....धन्यवाद!