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Generation Of Computer In Hindi? कंप्यूटर की पीढियां हिंदी में?

आइये जानते है कंप्यूटर के सभी पीढ़ियों के बारे में सरल भाषा हिंदी में?

फ्रेंड्स हम साभी जान रहे है की आज की कंप्यूटर हमारे जिन्दगी में जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है क्योंकि आज के समय में कंप्यूटर हर एक क्षेत्र में अपना योगदान देकर हमारे कार्य को आसान बना रहा है परन्तु आज जैसा हमलोग कंप्यूटर देख रहे है, क्या लगता है शुरुवात से ही यानि जब से कंप्यूटर का आविष्कार हुआ है तब से ही ये इतने तेज और कार्यकुशल है, तो इसका जबाब है नहीं, आज जो भी हमलोग कंप्यूटर देख रहे है वे कई जनरेशन में अपग्रेड होने के बाद हमें इस तरह दिखाई दे रहा है और इतने कार्यकुशल हो सका है। आविष्कार से लेकर अब तक कंप्यूटर में बहुत सारी बदलाव हुई है और कई पीढ़ियों में हुई है, कंप्यूटर के पीढ़ी दर पीढ़ी अपग्रेड होने की प्रक्रिया को हमलोग "जनरेशन ऑफ़ कंप्यूटर" के नाम से जानते है। पर क्या आपको कंप्यूटर के सभी जनरेशन के बारे में पता है, आप जानते है की किस जनरेशन में कौन सी कंप्यूटर क्या विशेषता लेकर आई, प्रथम पीढ़ी से लेकर आब तक कंप्यूटर में क्या-क्या बदलाव हुई है, आज के कंप्यूटर किस जनरेशन की है, वगैरह-वगैरह। अगर ऐसे ही सवालों के बारे में जानने के लिए यहाँ तक आये है तो आप सही जगह है क्योंकि आज हमलोग इस आर्टिकल में "Generation of Computer" के बारे में ही चर्चा करने जा रहे है इसलिए आपसे आग्रह है की पूरी आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

फ्रेंड्स हमारे कंप्यूटर युग में आविष्कार से लेकर अब तक के कंप्यूटर को आने में लगने वाले कुल समय को पांच जनरेशन अर्थात पीढ़ियों में बांटा गया है और उसके कुछ टाइम पीरियड रहे है जो निम्नलिखित है:-
  • प्रथम पीढ़ी (First Generation) - 1940 – 1956
  • द्वितीय पीढ़ी (Second Generation) - 1956 - 1963
  • तृतीय पीढ़ी (Third Generation) - 1964 - 1971
  • चतुर्थ पीढ़ी (Fourth Generation) - 1972 - Until about 2010 AD
  • पाँचवी पीढ़ी (Fifth Generation) - Present and Future
नोट- कंप्यूटर के जनरेशन के टाइम पीरियड में आपको असमानता लग सकता है क्योंकि अलग-अलग किताबों में अलग-अलग टाइम पीरियड दिया गया है इसलिए हो सकता है की हमारे द्वारा दी गयी टाइम पीरियड आपको गलत लगे पर कई जगहों ये टाइम पीरियड भी मेंशन किया गया है, इसलिए इसमें कंफ्यूजन पालने वाली कोई बात नहीं है, हालाँकि आप अपने अनुसार रिसर्च करके किसी अन्य जगहों से भी जानकारी ले सकते है।

आइये अब विस्तार से सभी पीढ़ी के बारे में जानते है:-

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर? First generation of computer, in hindi?

First generation of computer?

First Generation, Time Period = 1940 – 1956

  • फर्स्ट जनरेशन के कंप्यूटर Vacuum Tube पर आधारित थे अर्थात इस जनरेशन के कंप्यूटर का मुख्य कंप्यूटिंग कंपोनेंट वैक्यूम ट्यूब था जिसका इस्‍तेमाल Processing, Storage तथा Controlling Device के लिए किया जाता था । यह Vacuum Tube काँच के बने होते थे जिसके अंदर Electron के प्रवाह को Control करने के लिए Electrode लगे होते थे।
  • वैक्यूम ट्यूब आकर में बहुत ही बड़े हुआ करते थे जिस कारण इस जनरेशन के कंप्यूटर बहुत ही ज्‍यादा बड़े होते थे और वह बहुत ही ज्यादा जगह घेरते थे एक कंप्यूटर के निर्माण में लगभग 17000 Vacuum Tube लगे होते थे।
  • वे कंप्यूटर कार्य के दौरान बहुत ही ज्यादा गर्म होते थे जिससे बचने के लिए Air Conditioner (AC) का इस्तेमाल किया जाता था।
  • बहुत ही बड़े कंप्यूटर होने के कारण वे Non Portable थे एवं उसमें बहुत ज्यादा संख्या में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट लगे होते थे।
  • उस कंप्यूटर को चलाने में बहुत ही ज्यादा बिजली की खपत होती थी।
  • उस समय में वे ही कंप्यूटर Fastest Computing Device के रूप मे जाने जाते थे एवं उसकी Computing Time- Milli Second में थी।
  • फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर के समय इनपुट के लिए Punch Card और आउटपुट के लिए Print Out (Hard Copy) का इस्तेमाल होता था।
  • इस जेनेरेशन के कम्प्युटर मे Programming के लिए केवल Assembly तथा Machine Language का ही Use किया जाता था।
  • प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर के नाम है - EDVAC (Electronic Discrete Variable Automatic Computer), ENIAC (Electronic Numerical Integrator And Computer), UNIVAC (Universal Automatic Computer)

द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर? Second generation of computer, in hindi?

Second generation of computer?

Second Generation, Time Period = 1956 - 1963

  • इस जेनेरेशन के कंप्यूटर वैक्यूम ट्यूब के बजाय Transistor पर आधारित हो चुके थे अर्थात इस जनरेशन के कंप्यूटर में मैन प्रोसेसिंग कंपोनेंट के लिए ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया जाता था, ट्रांजिस्टर जेर्मेनियम और सिलिकॉन सेमीकंडक्टर मैटेरियल के बने होते थे।
  • Second Generation के कम्प्युटर First Generation की तुलना मे छोटे थे।
  • सेकंड जनरेशन कंप्यूटर की Processing Time Milli Second से Micro Second में आ गया था।
  • सेकंड जेनरेशन के कंप्यूटर फर्स्ट जनरेशन की तुलना में कम गर्म हुआ करते थे फिर भी Colling के लिए AC की जरूरत पड़ती थी।
  • यह कंप्यूटर फर्स्ट जनरेशन की तुलना में कम ऊर्जा खपत करती थी।
  • सेकंड जनरेशन के समय मे भी इनपुट के लिए Punch Card और आउटपुट के लिए Print Out ही थे।
  • हालाँकि इस जेनेरेशन मे ही COBOL तथा FORTRAN जैसी उच्‍चस्‍तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं का विकास हुआ।
  • द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर के नाम है- IBM 7090 and 7094, UNIVAC 1107, PDP-1 and 8

तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर? Third generation of computer, in hindi?

Third generation of computer?

Third Generation, Time Period = 1964 - 1971

  • Third Generation के कंप्यूटर का मुख्य कंपोनेंट ट्रांजिस्टर ना होकर IC (Integrated Circuit) हो चूका था क्योंकि थर्ड जनरेशन के समय मे IC का विकास हो चुका था जो LSI(Large Scale Integration) Technology पर आधारित थे, जिसका इस्तेमाल Processing Device के रूप मे होने लगा था। ये IC Silicon नामक Semiconductor Material के बने होते थे।
  • इस जेनेरेशन मे Processing Time Micro Second से Nano Second मे आ चुका था।
  • इस समय के कंप्यूटर एक जगह से दूसरी जगह ले जाने योग्य हो चुके थे क्योंकि यह पहले की उपेक्षा काफी छोटा एवं एक कमरा मे स्थापित होने लायक बन चुके थे।
  • यह कंप्यूटर बहुत ही कम ऊर्जा खपत करती थी और बहुत ही कम गर्म हुआ करते थे इसमें कूलिंग के लिए कभी-कभी एयर कंडीशनर चलाने की आवश्यकता होती थी।
  • यहां अब इस जनरेशन में इनपुट के लिए पंच कार्ड से हटकर Keyboard एवं आउटपुट के लिए प्रिंटआउट से आगे Monitor (VDU-Visual Display Unit) का भी इस्तेमाल होने लगा था।
  • इस जेनेरेशन मे Operating System, Application Software का भी विकास हुआ तथा High Level Programming Language का प्रयोग भी वृहत पैमाने पर होने लगा था। यहाँ अब इस जेनेरेशन मे कम्प्युटर का इस्तेमाल व्यवसायिक रूप से भी होने लगा था।
  • तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के नाम है- PDP-8, PDP-11, ICL 2900, IBM 360, IBM 370

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर? Fourth generation of computer, in hindi?

Fourth generation of computer?

Fourth Generation, Time Period = 1972 - Until about 2010 AD

  • इस जेनेरेशन के कम्प्युटर मे मुख्य कंपोनेंट के रूप में या कहें तो Processing Device के रूप मे Micro Processor का इस्तेमाल होने लगा था जो IC का अपग्रेडेड रूप था तथा वे माइक्रोप्रोसेसर VLSI (Very Large Scale Integration) Technology पर आधारित थी।
  • इस जेनेरेशन के कम्प्युटर आकार मे बहुत छोटे हो गए जिसके कारण ये Portable And Relabel हो गए।
  • Fourth Generation कम्प्युटर की Manufacturing लागत बहुत ही कम हो गए।
  • यह कंप्यूटर बहुत ही कम ऊर्जा खपत करती थी तथा यह बहुत ही कम गर्म हुआ करते थे इस वजह से इस जेनेरेशन के कंप्यूटर में एयर कंडीशनर की जरूरत नहीं थी इसका स्थान एक छोटे से Colling Fan ले चुका था।
  • इस जेनेरेशन के कम्प्युटर की Memory क्षमता बहुत ही ज्यादा हो चुकी थी।
  • Windows Operating System का भी विकास इसी जनरेशन में हुआ था जो एक ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस ऑपरेटिंग सिस्टम थे इस वजह से इस जनरेशन के कंप्यूटर काफी लोकप्रिय हो गए।
  • Fourth Generation के कंप्यूटर के नाम है- STAR 1000, CRAY-X-MP (Super Computer), DEC-10, PDP-11, CRAY-1. 

पाँचवी पीढ़ी के कंप्यूटर? Fifth generation of computer, in hindi?

Fifth generation of computer, in hindi?

Fifth Generation, Time Period = Present and Future

  • इस जनरेशन की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गयी है केवल लक्ष्य को रखा गया है और Upgradation हमेशा जारी है।
  • इस जनरेशन के अन्तर्गत वर्तमान के Super Power Computer और भविष्य में आनेवाले कंप्यूटरों को शामिल किया गया है तथा इस जनरेशन के Microprocessor को ULSI (Ultra Large Scale Integration) टेक्नोलॉजी पर आधारित किया गया है साथ ही इस जनरेशन में Parallel Processing तकनीक पर कार्य किया जा रहा है।
  • इस जनरेशन के कंप्यूटर में Artificial Intelligence (कृत्रिम बुद्धि) का विकास किया जा रहा है जिससे आनेवाले समय में कंप्यूटर काफी Advance तथा मानव की भाषा को समझने लायक होने की उम्मीद है।

Conclusion:
फ्रेंड्स हमें उम्मीद है की हमारे द्वारा जनरेशन ऑफ़ कंप्यूटर के बारे में लिखी गयी इस आर्टिकल को पढने के बाद आपको कंप्यूटर के प्रथम से लेकर पाँचवी पीढ़ी तक के बारे में सब कुछ अच्छी तरह समझ में आ गया होगा, फिर भी किसी प्रकार की कोई कंफ्यूजन रह गयी हो तो कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है। यह आर्टिकल आपको कैसी लगी इसकी फीडबैक कमेंट के माध्यम से जरुर दें साथ ही अगर यदि यह आर्टिकल आपको पसंद आई हो तो अपने फ्रेंड सर्किल में अधिक से अधिक शेयर करें। इसी तरह की और भी कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी से सम्बंधित आर्टिकल पढ़ते रहने के लिए Comtechinhindi.IN से जुड़े रहें. धन्यवाद !
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