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बूटिंग प्रोसेस क्या है? Booting Process Kya Hai? जाने सरल भाषा में?

बूटिंग प्रोसेस क्या होता है? What is Booting Process in hindi? आइये जानते है अपनी भाषा हिंदी में?

फ्रेंड्स हम सभी को पता होना चाहिए कि जब कंप्यूटर को ऑन किया जाता है तो सबसे पहले एक प्रक्रिया पूरी होती है जिसे बूटिंग प्रोसेस कहा जाता है, पर क्या आपको पता है कि ये बूटिंग प्रोसेस क्या होता है, इस दौरान कौन-कौन सी क्रिया होती है, Cold Booting और Warm Booting क्या होता है, अगर हाँ तो अच्छी बात है अगर नहीं तो अभी आप जानने वाले है।
आप में से जिन भी लोगों ने कंप्यूटर का इस्तेमाल किया होगा या जो भी स्टूडेंट कंप्यूटर की पढाई कर रहे होंगे उन्हें शायद पता होगा कि Booting Process क्या होता है। परन्तु जिन लोगों को इसके बारे में पता नहीं है यह लेख उनके लिए Helpful साबित होने वाली है क्योंकि आज हमलोग इस आर्टिकल में Computer Booting Process के बारे में बिलकुल सरल भाषा में चर्चा करने जा रहे है, तो चलिए सुरु करते है....

बूटिंग प्रोसेस क्या है? Booting process kya hai?

Booting Process In Hindi?
यह Computer के Power On होने के दौरान स्वतः ही होनेवाली कुछ Second की Process है जिसे Booting Process कहते है, इस प्रोसेस में POST यानि Power On Self Test से लेकर Operating System को RAM पर Load होकर Desktop Screen Appear होने तक की प्रक्रिया शामिल होती है।

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हमारी कंप्यूटर सिस्टम में Booting Process के दौरान कई छोटे-छोटे Process Internally एक Sequence में पूरी होते है जिसका Instruction (Program) Motherboard पर लगी एक Chip जिसे ROM (Read Only Memory) या BIOS (Basic Input Output System) Chip भी कहते है में Motherboard Manufacturer Company के द्वारा डाल दिए गए होते है जिसके आधार पर कंप्यूटर में बूटिंग प्रोसेस होती है। इस Program को Firmware भी कहते है। इसके बहुत सारे Control User को दिए गए होते है जहाँ से User जरुरत के अनुसार इसके सेटिंग में बदलाव कर सकता है, यह Control जिस Setting में दिया गया होता है उसे BIOS या CMOS Setting कहते है, यह BIOS Setting ROM में डाले गए Program की ही Setting होती है जिसके द्वारा इसके Default Setting में बदलाव करके यूजर अपनी इच्छानुसार कुछ Command भी Set कर सकते है तथा कुछ फीचर ऑन अथवा ऑफ भी कर सकते है, हालाँकि इसकी Default Setting कंप्यूटर की Requirement के अनुसार ही होते है। इस Setting तक पहुँचने के लिए Special Keys जैसे F2, Delete, ESC या कोई और Button Define किये गए होते है जिसको Booting के दौरान यानि Power On बटन दबाने के 1-2 सेकंड बाद ही दबाने पड़ते है।



बूटिंग प्रोसेस कितने प्रकार के होते है? Booting process kitne prakar ke hote hai?

कंप्यूटर में बूटिंग दो प्रकार की होती है:
  • Cold Booting
  • Warm Booting

Cold Booting:

Cold Booting वह बूटिंग होती है जिसमे कंप्यूटर बिलकुल नए सिरे से बूट होती है अर्थात इस बूटिंग में कंप्यूटर की Power Off होकर फिर से बिलकुल Initial Stage से कंप्यूटर की Fresh बूटिंग होती है जिसे Cold Booting कहा जाता है। कोल्ड बूटिंग Power Button दबाकर या Windows के Power Option में जाकर Shut Down करके फिर से On करके किया जाता है यानि जब भी हम कंप्यूटर को ऑन करते है तो उस दौरान Cold Booting होती है।

Warm Booting:

Worm Booting वह बूटिंग होती है जिसमे कंप्यूटर ON Condition में रहते हुए ही Initial Stage से दुबारा बूट हो जाती है उस क्रिया को Warm Booting कहा जाता है। Worm Booting में बिना कंप्यूटर पूरी तरह ऑफ हुए कंप्यूटर की सभी Programs बंद होकर RAM की सारी Data Erase होकर पुनः Operating System लोड होती है जिसे Warm बूटिंग का नाम दिया गया है। Worm Booting, Front Panel के Restart Button को दबाकर या Power Option में Restart पर Click करके या फिर Alt+Ctrl+Del बटन दबाकर किया जाता है, जिसे Restart करना कहते है यानि जब भी हम कंप्यूटर को ऑन रहते हुए केवल Restart करते है तो उस दौरान Worm Booting होती है।

बूटिंग प्रोसेस की प्रक्रिया कैसे पूरी होती है? Booting process ki prakriya kaise puri hoti hai?

जब Computer की Power Button को Press किया जाता है तो सबसे पहले CPU ROM की Instructions अर्थात BIOS को Read करता है और उसमें Pre Loaded Instruction के अनुसार एक Sequence में पूरी Computer System में लगे Hardware Devices जैसे- Keyboard, Mouse, Webcam, Printer Etc. को Check किया जाता है जिसे POST(Power On Self Test) कहा जाता है।

इस दौरान अगर किसी Devices अथवा Parts में कोई Fault पाई जाती है तो उसका Error Message हमारे Desktop Screen पर Show करता है या Beep Code Generate करता है जो हमें सुनाई देता है। ये सारे Beep Code या Error Message की Instructions ROM Firmware में Pre Loaded  रहते है जिस कारण हमें किसी खराबी का संकेत मिलता है। हालाँकि POST की प्रक्रिया होने के लिए भी Motherboard, CPU, RAM, ROM's Program तथा Power Supply 100% Working Condition में होना जरुरी होता है।



बूटिंग प्रोसेस के दौरान POST की Condition OK रहने पर आगे CPU Booting Device को Find करता है और जैसे ही बूटिंग डिवाइस मिल जाता है तो उसकी Operating System (OS) को RAM पर लोड करता है, हालाँकि पूरी ऑपरेटिंग सिस्टम तो RAM पर Load नहीं किया जा सकता क्योंकि RAM पर उतनी Space नहीं होती, इसलिए अगर Windows Operating System की बात करें तो इसकी तीन मुख्य File Command.com, MS-DOS.sys, IO.sys को RAM पर Load किया जाता है, इसी तरह अलग-अलग तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम में अलग-अलग तरह के फाइल को लोड किया जाता है। उसके बाद हमारे सामने उस ऑपरेटिंग सिस्टम की Home Screen दिखाई देती है और अब Computer System को Control करने की सारी जिम्मेदारी OS को मिल जाती है जिसके बाद Computer User Friendly बन जाता। अगर OS के Loading होने के दौरान कोई File Missing या File Corruption की Problem आती है तो इसका Information  या कहें तो Error Message हमें Screen पर दिखाई देता है।

इन्हें भी देखें:→

Conclusion:
फ्रेंड्स हम आशा करते है कि कंप्यूटर बूटिंग प्रोसेस वाली इस आर्टिकल को पढ़कर आप समझ गए होंगे कि बूटिंग प्रोसेस क्या होता है। फिर भी यदि किसी प्रकार की कोई कंफ्यूजन रह गयी हो तो Comment के माध्यम से बेझिझक पूछ सकते है। यह आर्टिकल आपको कैसी लगी इसकी फीडबैक कमेंट के माध्यम से जरूर दें, साथ ही यदि यह आर्टिकल आपको पसंद आई हो तो अपने Friend Circle में अधिक से अधिक Share करें ताकि यह आर्टिकल औरों के लिए Helpful हो सके। इसी तरह की और भी कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी से संबंधित आर्टिकल पढ़ते रहने के लिए Comtechinhindi.IN से जुड़ें रहें. धन्यवाद !
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