साइबर सिक्योरिटी क्या है? | Cyber Security kya hai?

साइबर सिक्योरिटी क्या है? What is cyber security in hindi?
cyber security in hindi

दोस्तों हम सभी जान रहे है कि आज दुनियाभर में इन्टरनेट काफी पॉपुलर होते जा रहा है और बहुत सारे कार्य जैसे- Banking Transaction, Official Documentation, Shopping, Ticket Booking, Data Storage, Data लेन-देन इत्यादि को ऑनलाइन ही इन्टरनेट के माध्यम से किया जा रहा है। जिस कारण चोर भी (जिसे साइबर टर्म में हैकर कहा जाता है) इन्टरनेट को ही किसी की निजी जानकारी या धन को चुराने का जरिया बना लिया है। ऐसे में इस प्रकार की चोरी को रोककर पब्लिक, आर्गेनाइजेशन तथा सरकारी संस्था की डाटा को सुरक्षित रखना बहुत ही जरुरी हो गया है। इन्टरनेट या कंप्यूटर पर राखी डाटा की सुरक्षा को ही साइबर सिक्योरिटी का नाम दिया गया है।

Cyber Security को अगर दो भागों में तोड़कर समझने का प्रयास करें तो हम आसानी से समझ सकते है कि साइबर सिक्योरिटी क्या होता है। Cyber अर्थात इन्टरनेट या इंटरनेट से जुडी चीजें और Security अर्थात सुरक्षा, यानि Cyber Security का पूरा मतलब होता है इंटरनेट या इन्टरनेट से जुडी चीजों की सुरक्षा।

संक्षेप में इसकी परिभाषा हम इस प्रकार बोल सकते है कि "इन्टरनेट या इन्टरनेट से जुड़ी चीजों की सुरक्षा करने की व्यवस्था को साइबर सिक्योरिटी कहा जाता है"।

साइबर सिक्योरिटी क्यों जरूरी है? Why cyber security is important?

जब अपनी निजी या सरकारी कार्यों के लिए वृहत पैमाने पर इंटेरनेट और कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जा रहा हो और हैकर भी उसपर नजर गड़ाए बैठे हो तो इसकी सुरक्षा करना भी बहुत ही जरुरी है। आज इन्टरनेट पर किसी की वियक्तिगत तथा बड़ी-बड़ी आर्गेनाइजेशन से लेकर सरकारी संस्था की भी डाटा बड़ी मात्रा में मौजूद है और किसी की निजी डाटा या इनफार्मेशन के बारे में बिना परमिशन किसी तीसरे पक्ष को जानने का कोई अधिकार नहीं है इसलिए जरुरी है कि इंटरनेट पर भी मौजूद किसी की पर्सनल डाटा एन्क्रिप्टेड रहे।

आज आये दिन हमलोगों को साइबर अपराध (Data Leak, Site Hacking, Banking Fraud इत्यादि) के बारे में सुनने को मिलता है ऐसे में अगर इसकी सुरक्षा को नजरअंदाज किया जाय तो हर एक दिन बहुत ही बड़ी संख्यां में हैकर इन्टरनेट पर मौजूद सवेंदनशील डाटा को चुराकर फिरौती मांग कर सकता है, बैंक से पैसा उड़ा सकत है, किसी की निजी जानकारी चुरा सकता है इत्यादि तरह की घटनाओं को अंजाम दे सकती है जिससे एक आम नागरिक से लेकर सरकारी तंत्र भी मुसीबत में पड़ सकती है। इन्ही सारी समस्याओं से बचने के लिए साइबर स्पेस की कड़ी से कड़ी सुरक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है।

साइबर अटैक कितने प्रकार के होते है? Types of cyber attack in hindi?

वैसे सामान्य तौर पर किसी की डाटा को चुराना कोई आसान बात नहीं है परंतु हैकर कुछ ऐसी तकनीक का सहारा लेता है जो यूजर लगता है कि वह उसकी काम की चीज है जिसमे यूजर बड़े ही आसानी से फंस जाते है और हैकर यूजर की डिवाइस पर अपना कण्ट्रोल बना लेता है। यहाँ हमने चार तरह के अटैक के बारे में बताया है जैसे-

Malware- मैलवेयर एक छोटे से सॉफ्टवेयर की तरह होता है जिसको इनस्टॉल कर देने पर आपकी कंप्यूटर Misbehave करने लगती है और यूजर परेशान हो जाता है। Malware को Malicious Software भी कहा जाता है जो एक दूषित सॉफ्टवेयर होता है जिसका काम होता है दूसरों की डाटा को हानि पहुँचाना। Malicious Software इनस्टॉल हो जाने और Computer धीमे चलने लगता है, स्वतः ही कोई भी फाइल क्रिएट होने लगता है या कोई भी फाइल स्वतः ही डिलीट हो जाता है Storage Space गलत बताने लगत है...इत्यादि तरह की समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।

Malicious Software भी स्वतः ही नहीं बनते है बल्कि इसे भी कोई Developer ही दूसरों की कंप्यूटर को हानि पहुंचाने के उद्देश्य से बनाते है। यह आपके कंप्यूटर में किसी माध्यम से ही भेजा जाता है जैसे- Email Attachment के माध्यम से या किसी साइट पर Software समझकर आप खुद डाउनलोड करके इनस्टॉल करते है और आपका PC संक्रमित हो जाता ही।

Ransomware- यह हैकर के द्वारा बनाया गया एक ऐसा Data Kidnaping Software है जिसको एक बार आपके कंप्यूटर में इनस्टॉल करके आपकी सारी Data को Encrypted करके आपसे फिरौती की मांग करता है, जिसे Ransomware Attack कहा जाता है।

हैकर किसी भी माध्यम से Ransomware आपके PC तक भेजकर आपसे क्लिक करवाने का प्रयास करता है और जब आप उसपर क्लिक करते है तो वह आपके PC में इनस्टॉल हो जाता है और आपके सिस्टम में राखी सारी Data Lock कर दी जाती है और वहीँ पर आपको नोटिफिकेशन दिया जाता है कि आप इतने बिटकॉइन (क्रिप्टो करेंसी) दो तब आपकी डाटा को Unlock कर दिया जायेगा। ऐसे में जिसकी कोई इम्पोर्टेन्ट डाटा होती उसको मज़बूरी में फिरौती देनी पड़ती है तब उसका डाटा वापस Decrypt किया जाता है।

Spyware- यह एक जासूस की तरह कार्य करता है जिसका काम होता है कि आपके सारी एक्टिविटीज और डेटा पर नजर रखना और किसी दूसरे के पास इनफार्मेशन भेजना जिसका इस्तेमाल बाद में हैकिंग के लिए किया जाता है।

जैसे आपने जब अकाउंट Log In किया हो और आपका User Id Password हैकर के पास भेज दिया जाय तब क्या होगा बाद में वह आसानी से कुछ भी कर सकता है।

Spyware बहुत ही छोटे होते है जो किसी भी अनजान सॉफ्टवेयर के साथ ही इनस्टॉल हो जाते है और Back End में चलते रहता है और आपकी डाटा चुराता है।

Adware- यह भी एक छोटी सी सॉफ्टवेयर की तरह या किसी फाइल की तरह हो सकती है या किसी किसी सॉफ्टवेयर के साथ आ सकती है जिसका काम किसी डाटा को हानि पहुँचाना नहीं होता है बल्कि आपके PC या मोबाइल पे बेवजह फालतू के विज्ञापन दिखाना होता है जिसपर क्लिक करने के बाद आपको फालतू चीजों के बारे में बताया जायेगा या खरीदने को कहा जायेगा जिससे उसको मुनाफा हो।

साइबर अटैक से कैसे बचें? How to avoid cyber attack in hindi?

इन्टरनेट के माध्यम से होनेवाले अपराध को साइबर अपराध कहा जाता है और हैकर इन्ही अपराध को अंजाम देते है जिसके लिए वे साइबर अटैक करने का प्रयास करते है, परंतु हर एक इन्टरनेट यूजर अगर इसके लिए सजग हो और हैकिंग से बचने के लिए कुछ जरुरी सतर्कता बरते तो स्वतः ही बहुत हद तक साइबर अटैक से बचा जा सकता है। इसके लिए जरुरी है की हम सब कुछ बातों का ध्यान रखें जैसे....

  • इन्टरनेट पर मौजूद अपनी व्यक्तिगत जानकारी को बेवजह किसी तीसरे पक्ष को शेयर ना करें।
  • इन्टरनेट पर मौजूद सोशल साइट जैसे- Facebook, Twitter, Instagram, Youtube इत्यादि पर अपनी Privet Information शेयर ना करें।
  • इन्टरनेट के किसी भी प्लेटफार्म पर बनाये गए अकाउंट की User ID, Password इत्यादि को किसी दूसरों के साथ शेयर ना करें।
  • इन्टरनेट के किसी भी प्लेटफार्म पर बनाये गए अकाउंट की Password बहुत ही Strong बनायें और हर जगह एक ही Password ना रखें।
  • केवल अपनी काम की ही या जिसे आप जान रहे हो उसी ईमेल पर Reply करे या उसके द्वारा भेजे गए Attachment या Link पर ही क्लिक करें।
  • बेवजह आनेवाले ईमेल या अंजान ईमेल पर Reply ना करें ना ही उसके द्वारा भेजे गए Attachment और Link पर क्लिक करें।
  • Social Site यूज़ करते समय फालतू Link पर क्लिक ना करें।
  • SMS के माध्यम से आनेवाले Link जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं हो उसपर क्लिक ना करें।
  • अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Free के चक्कर में फालतू हार्मफुल एप्लीकेशन इनस्टॉल नहीं करें।
  • इन्टरनेट पर दिखाए जानेवाले फालतू विज्ञापन (Harmful Ad) पर क्लिक ना करें।
  • बेवजह फ़ोन के माध्यम से किसी को OTP, PIN, Password इत्यादि संवेदनशील इनफार्मेशन ना दें।
  • अपने मोबाइल और कंप्यूटर में एक विश्वसनीय एंटीवायरस सॉफ्टवेयर जरूर रखें ताकि Harmful Virus, Application, Site, Link, Attachment इत्यादि Suspected होने के कंडीशन में आपको Alert दें, और इसे समय-समय अपडेट करते रहें ताकि नवीनतम क्रिएटेड Harmful Content को भी डिटेक्ट कर ले।

साइबर सिक्योरिटी कितने प्रकार के होते है? Types of cyber security in hindi?

Cyber Security केवल एक लेयर में पूरी नहीं होती है बल्कि इसका प्रबंधन कई लेयर में होता है जो अलग-अलग तरह की सुरक्षा प्रदान करता है जिसके बाद ही पूरी साइबर स्पेस सुरक्षित हो पाता है।

साइबर सिक्योरिटी मैनेजमेंट के अंदर कई तरह की सिक्योरिटी आते है जैसे-

  • Network & Gateway Security
  • Application Security
  • Email Security
  • Data Loss Prevention
  • Network Access Control
  • Antivirus & Anti Spyware Security
साइबर सिक्योरिटी के फायदे? Advantage of cyber security in hindi?
साइबर सिक्योरिटी की एडवांटेज की बात करें तो इसके कई एडवांटेज है जैसे-
  • यूजर की सभी डाटा पूर्ण रूप से सुरक्षित रहती है।
  • किसी दो यूजर के बीच में डाटा का आदान-प्रदान किया जा रहा हो तो वे एन्क्रिप्टेड फॉर्म में होती है जिससे किसी तीसरे पक्ष को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं होती है।
  • नेटवर्क और इंटरनेट पर अनधिकृत एक्सेस को रोकता है।
  • किसी भी प्रकार की हार्मफुल कंटेंट को इन्टरनेट पर विस्तार होने से रोकता है।
  • हार्मफुल कंटेंट के बारे में यूजर को प्री अलर्ट करता है।
  • Virus, Spyware, Worm, Ransomware, Adware और भी बहुत से जिनसे डाटा और डिवाइस को खतरा हो उससे बचाता है।
इस प्रकार कह सकते है साइबर सिक्योरिटी ही एक ऐसी व्यवस्था है जिनसे इन्टरनेट पर मोजूद डाटा सुरक्षित बनी हुई है।

इन्हें भी देखें:→