बैंकिंग फ्रॉड से कैसे बचें? Banking fraud se kaise bache?

बैंकिंग फ्रॉड से कैसे बचें? Banking fraud se kaise bache?

फ्रेंड हम सभी जान रहे की आज हमारा बैंकिंग सिस्टम पूरा ऑनलाइन हो गया है जिससे आम लोगों को काफी सहूलियत हुई है। आज हमारे पास ऐसे-ऐसे बैंकिंग ऑप्शन मौजूद है जिससे बिना बैंक की कतार में लगे ही घर बैठे ऑनलाइन Mobile App के माध्यम से या Net Banking के माध्यम से पैसे का लेन-देन कर सकते है इसके अलावा Cash निकलने के लिए भी आज हमारे पास ATM Card, Aadhar Enable Payment System जैसे ऑप्शन मौजूद है। जिससे हमें बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ते है।

ऐसे में सुविधाओं की नजरिये से देखें तो हम सभी के लिए बहुत ही सुविधाजनक क्रांति हुई है परंतु इससे एक समस्या उत्पन्न हो गयी है वो समस्या है Online Fraud या कहें तो Banking Fraud. आज आये दिन हम सभी को कई तरह के बैंकिंग फ्रॉड के बारे में सुनने को मिलता है। जिन भी लोगों के साथ ऐसी घटनाएं हो जाती है उनको वेवजह आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और बैंकिंग नियम भी कुछ ऐसा होता है कि जबतक फ्रॉडस्टर से आपका पैसा Recover ना हो जाता है तबतक वो पैसा आपके खाते में भी Return नहीं हो सकता जिस कारण बहुत से लोगों को इस तरह का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।

ऐसे में इस तरह की समस्यओं से बचने के लिए या बैंकिंग फ्रॉड होने से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय है कि हम सभी सजग रहे, क्योंकि हम सभी के साथ जिन भी तरह की बैंकिंग फ्रॉड होते है वो डायरेक्ट नहीं हो सकते, इसलिए जो भी फ्रॉडस्टर होते है वो हमसे फ्रॉड करने के लिए कोई एक जालसाजी तरीके का ही इस्तेमाल करते है और अगर हम उसके साजिस में फंस जाते है तो वे अपने काम में कामयाब हो जाते है।
  

बैंकिंग फ्रॉड क्या होता है?Banking fraud kya hota hai?

Banking fraud se kaise bache?

फ़ोन कॉल, सोशल मीडिया, इमेल, बैंकिंग ऐप्प इत्यादि माध्यम का इस्तेमाल करके फ्रॉडस्टर के द्वारा अवैध बैंकिंग गतिविधि को अंजाम देने की क्रिया बैंकिंग फ्रॉड कहलाता है।

बैंकिंग फ्रॉड होना कोई आसान बात नहीं है, क्योंकि हमारे बैंकिंग सिस्टम की सिक्योरिटी इतनी हाई टेक और मज़बूत होती है कि कोई फ्रॉडस्टर या हैकर आसानी से किसी की सिक्योरिटी क्रैक करके बैंकिंग इनफार्मेशन नहीं चुरा सकता है और जब तक हमारी सेंसटिव बैंकिंग इनफार्मेशन नहीं चुरा सकता तब तक कोई भी फ्रॉडस्टर हमसे बैंकिंग फ्रॉड करके हमें आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचा सकता है।

ऐसे में बात आती है कि आम लोगों के साथ जो भी फ्रॉड होता है वो होता कैसे है, तो इसका जबाब है कि कोई भी फ्रॉडस्टर हमसे बैंकिंग फ्रॉड करने के लिए सबसे पहले वो किसी माध्यम (जैसे-फ़ोन कॉल करके, ईमेल भेजकर या किसी अन्य माध्यम का इस्तेमाल करके) का उपयोग करके हमसे हमारी सेंसटिव बैंकिंग इनफार्मेशन (जैसे- Net Banking Password, Debit Card Serial No, Pin, OTP) लेने का प्रयास करता है फिर यदि वो इस कार्य में सफल हो जाता है तो आगे हमें आर्थिक नुकसान देने का प्रयास करता है अर्थात हमारे बैंक अकाउंट में राखी रूपये का अवैध निकासी कर लेता है।

किन-किन तरीको से हमारे साथ बैंकिंग फ्रॉड हो सकता है?

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट मुताबिक वर्तमान समय में फ्रॉडस्टर बैंक खातों से पैसे चुराने के लिए के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, इसमें से मुख्य है:- फ़ोन कॉल करके बैंक खातों की जांच के नाम पर, कैशबैक के नाम पर यूपीआई पेमेंट रिक्वेस्ट भेजकर, एटीएम कार्ड की इनफार्मेशन चुराकर कार्ड क्लोनिंग करके, विडियो कॉल के जरिए, लॉटरी के नाम पर, सोशल मीडिया के माध्यम से, ईमेल स्पूफिंग करके, जॉब के नाम पर, रिवॉर्ड पॉइंट के नाम पर।

फ़ोन कॉल करके बैंक खातों की जांच के नाम पर:

कई बार हम में से ही किसी लोगों के पास फ्रॉडस्टर जालसाजी के तहत बैंक स्टाफ बताकर कॉल करता है और हमारे अकाउंट से सम्बंधित कोई समस्या बताकर Debit Card का Serial No, PIN, Net Banking Password इत्यादि की मांग करता है और हमें बताता है की हमारे अकाउंट से सम्बंधित समस्या का हल कर दिया जायेगा। ऐसे में यदि अकाउंट होल्डर अपना Debit Card का Serial No, PIN, Net Banking Password बता देता है तो वे अपने कार्य में सफल हो जाता है, फिर हमारे अकाउंट पर हाथ साफ कर लेता है।

कैशबैक के नाम पर यूपीआई पेमेंट रिक्वेस्ट भेजकर:

कई बार फ्रॉडस्टर हमसे फ्रॉड करने के लिए हमें पहले एक कॉल करता है और हमें प्रलोभन देता है की हमें Paytm, Phone Pe, Google Pe जैसे वॉलेट में कोई लोटरी लगी है या किसी पेमेंट का कैशबैक मिलने वाला है जिसमे हमें कुछ पैसे मिलेंगे, और वो कहता है की हम एक लिंक भेज रहे है उसको एक्सेप्ट कीजिये और अपना PIN डाल दीजिये फिर आपका पैसा आपके वालेट या लिंक्ड बैंक अकाउंट में चला जायेगा। पर यहाँ होता ये है कि वो हमें कुछ रूपये एक Payment Request Link भेज देता है और जैसे ही हम उस लिंक पर क्लिक करके PIN डालते है तो हमें पैसा आने के बजाय हमारे वालेट या वालेट से लिंक्ड अकाउंट से पैसा उसके पास चला जाता है।

जॉब के नाम पर:

कई बार हमसे जॉब के नाम पर फ्रॉडस्टर ठगी करते है, जिसमे फ़ोन कॉल करके या ईमेल या मेसेज के माध्यम से अपने को किसी कंपनी का एजेंट बताकर हमें बताना चाहता है किसी कंपनी में बहाली है जिसमे कुछ लड़कों, लड़की की जरुरत है अगर इस जॉब में इंट्रेस्टेड हो तो जल्द ही अपना रजिस्ट्रेशन करा लें क्योंकि सीट सिमित है। ऐसे में यहाँ भी रजिस्ट्रेशन के नाम पर कुछ पेमेंट की मांग किया जाता है।

ईमेल स्पूफिंग करके:

ईमेल स्पूफिंग में फ्रॉडस्टर किसी नामी कंपनी या बैंक से मिलता जुलता अपना एक ईमेल आई डी और वेबसाइट बनाकर दूसरों को सर्वे के नाम पर या बैंकिंग इवेंट के नाम पर लोगो से फॉर्म भरवाकर डाटा चुराने की कोशिश करता है फिर उस डाटा का इस्तेमाल अवैध बैंकिंग कार्यों में करता है।

एटीएम कार्ड की इनफार्मेशन चुराकर कार्ड क्लोनिंग करके:

इस तकनीक में फ्रॉडस्टर द्वारा पहले से ही ATM Machine या Card Skimmer के Card Reader Slot में पहले से डाटा चोरी करने का डिवाइस लगा दिया जाता है और जब रुपया निकासी के लिए कार्ड स्वाइप किया जाता है तो उस वक्त रुपया निकासी भी हो जाता है और आपके कार्ड की सारी इनफार्मेशन चोरी भी हो जाती है, फिर उस इनफार्मेशन का इस्तेमाल कार्ड क्लोनिंग अर्थात डुप्लीकेट कार्ड बनाने के लिए किया जाता है। उसके बाद आपका कार्ड आपके पास ही होता है परन्तु फ्रॉडस्टर द्वारा बनायीं गयी डुप्लीकेट कार्ड से पैसे की निकासी कर लिया जाता है।

विडियो कॉल के जरिए:

इस जालसाजी में ज्यादातर लड़कियों का इस्तेमाल किया जाता है, इसमें लड़की आपको अपने प्यार में फ़साने की कोशिश करती है, अगर सामने वाला उसके बहकावे में आ जाता है तो आगे वो प्यार में ही अश्लील हरकत करती और इसी दौरान वे इन सारी एक्टिविटीज का ऑन स्क्रीन विडियो रिकॉर्डिंग कर रहा होता है, फिर होता कुछ यूँ है कि वे उसी विडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने या क़ानूनी तौर पर फंसाने की धमकियाँ देकर पैसे की मांग करती है।

सोशल मीडिया के माध्यम से:

इस जालसाजी के तहत सोशल मीडिया (Facebook, Whataapp, Instagram etc.) का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें आपके ही किसी जानकार व्यक्ति के नाम पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाकर आपको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते है और फिर कोई विकट परस्थिति बताकर आपसे कुछ पैसे की मांग करता है।

रिवॉर्ड पॉइंट के नाम पर:

इसमें आपको किसी बैंक के नाम पर एक मेसेज भेजा जाता है और रिवॉर्ड पॉइंट के नाम पर आपसे कई संवेदनशील बैंकिंग इनफार्मेशन लिया जाता है, फिर उस इनफार्मेशन का इस्तेमाल फ्रॉडस्टर आपके अकाउंट से पैसे उड़ाने के लिए करता है।

बैंकिंग फ्रॉड होने से कैसे बचें? Banking fraud hone se kaise bache?

  • अगर यदि कोई आपसे फ़ोन कॉल करके अपने को कस्टमर केयर एजेंट या बैंक स्टाफ बताकर, ईमेल के माध्यम से, सोशल मीडिया के माध्यम से या किसी अन्य माध्यम से Debit Card Serial No, PIN, OTP की मांग करे तो उसे कभी भी शेयर ना करें, क्योंकि किसी बैंक के द्वारा फ़ोन कॉल के माध्यम से कोई जानकारी नहीं ली जाती है, ऐसा करने वाला कोई फ्रॉडस्टर ही होता है।
  • अगर आपको फ़ोन कॉल करके अपने को कस्टमर केयर एजेंट या बैंक स्टाफ बताकर Cash Back या Lottery का झांसा देकर आपको Request Accept या Link पर क्लिक करने को कहे तो आप कभी भी ऐसा ना करें, क्योंकि ऐसी स्थिथि में ज्यादातर कुछ पैसे का Payment Request भेजकर यूजर से Accept करवा लिया जाता है और जैसे ही आप Payment Request Accept कर देते है तो आपके E-Wallet या उससे Linked Account से पैसा उसे ट्रान्सफर हो जाता है।
  • अपना डेबिट कार्ड अपने लोगों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को यूज़ करने कभी भी ना दें।
  • फ़ोन कॉल के माध्यम से किसी अपने लोगों के साथ भी Debit Card Serial No, PIN, OTP जैसे सेंसटिव बैंकिंग इनफार्मेशन देने से बचें।
  • हमेशा नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते वक्त अपने इन्टरनेट ब्राउज़र के Incognito Mode में जाकर ही वेबसाइट ओपन करें।
  • अपनी सेंसटिव बैंकिंग जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर ना करें।
  • अगर आप ऑनलाइन किसी E-Commerce Website से कुछ खरीदना चाहते हो तो पहले 100% Sure हो जाएँ की आपने उसकी ओरिजिनल वेबसाइट खोली है तभी अपनी बैंकिंग जानकारी भरें या पेमेंट करें।
  • किसी अनजान वेबसाइट पर अपनी बैंकिंग जानकारी देने से बचें और यदि किसी जरुरी काम से आपके किसी वेबसाइट पर अपनी बैंकिंग जानकारी देना हो तो आप उस वेबसाइट के URL Bar में देखें की वह Http बेस्ड वेबसाइट है या Https हमेशा कभी भी Https बेस्ड वेबसाइट पर ही बैंकिंग इनफार्मेशन देने की कोशिश करें, क्योंकि Https बेस्ड वेबसाइट एक सिक्योर प्रोटोकॉल का उपयोग करती है जिसमे आपकी जानकारी किसी तीसरे पक्ष को हाथ लगने की चांसेस कम रहती है।
  • कोई अपना बताकर सोशल मीडिया (Facebook, Whatsapp, Instagram Etc.) के माध्यम अपनी महत्वपूर्ण जरुरत बताकर पैसे की रिक्वेस्ट करे तो पहले उसे अच्छी तरह पहचान कर लें की वो आपका ही कोई अपना है तभी उसकी मदद करें, क्योंकि इस तरह कई लोग जालसाजी का शिकार हो जाते है और वो पैसा किसी दुसरे के हाथ लग जाता है।
  • अगर कोई अनजान लड़की आपसे प्यार का झांसा देकर अश्लील हरकतें करने की कोशिश करे तो पहले ही उससे दूर हो जाएँ क्योंकि बाद में वही आपको क़ानूनी तौर पर फ़साने की धमकी देकर आपसे पैसे की मांग।
  • जिस भी मोबाइल में नेट बैंकिंग, बैंक का एप्लीकेशन तथा ई-वॉलेट इस्तेमाल करते हो उसमे फालतू एप्लीकेशन को इनस्टॉल करने से बचें।
  • जिस भी कंप्यूटर में नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हो उसमे ओरिजिनल ऑपरेटिंग सिस्टम तथा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का ही उपयोग करें।

Conclusion:
फ्रेंड्स हमें उम्मीद है कि इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बैंकिंग फ्रॉड कैसे होता है और हम सभी बैंकिंग फ्रॉड से कैसे बचे, के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला होगा। साथ ही अगर यदि हम सभी सजग रहे और समझदारी से काम लें तो हमारे साथ होनेवाली बैंकिंग धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। 
हमारे द्वारा लिखी गयी यह आर्टिकल आपको कैसी लगी इसकी प्रतिक्रिया कमेंट के माध्यम से जरुर दें। अगर यदि आगे और भी इस तरह की ज्ञानवर्धक आर्टिकल को पढ़ना चाहते है तो Comtech In Hindi से जुड़े रहे। धन्यवाद!