Type Here to Get Search Results !

ब्लोटवेयर क्या होता है? Bloatware kya hota hai? जानिए सबकुछ यहाँ पर?

ब्लोटवेयर क्या है? What is Bloatware in hindi?

फ्रेंड्स जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम जब कभी भी कोई नया फोन, टेबलेट या लैपटॉप खरीदते हैं तो उनमें बहुत सारे उपयोगी सॉफ्टवेयर (एप्लीकेशन, यूटिलिटी, गेम इत्यादि) पहले से इंस्टॉल्ड आते हैं जो ज्यादातर हमारे काम का ही होता है, फिर भी उनमें से कुछ एप्लीकेशन या गेम इत्यादि वैसे होते हैं जो हमारे लिए किसी काम का नहीं होता फिर भी वे सभी एप्लीकेशन मिलकर हमारे मोबाइल या लैपटॉप के फिजिकल रिसोर्सेज जैसे- RAM, ROM, Processor इत्यादि का इस्तेमाल कर रहे होते है ऐसे ही सॉफ्टवेयर को "Bloatware" कहा जाता है।

और हम सभी को पता है कि किसी भी डिवाइस में फालतू के सॉफ्टवेयर यानि “ब्लोटवेयर” को रखना हमारे लिए ही नुकसानदायक होता है क्योंकि ब्लोटवेयर के कारण हमारा मोबाइल अथवा लैपटॉप जल्द ही कई तरह के समस्याओं से घिर जाता है जैसे- हमारा डिवाइस बेवजह स्लो होने लगता है, बिना किसी अपनी निजी डाटा को रखे ही काफी सारा स्टोरेज फुल होने लगता है, हैंग होने का लगता है, इन्टरनेट डाटा का यूसेज ज्यादा होने लगता है, बैटरी बैकअप कम हो जाती है, कई गैजेट में तो फालतू के विज्ञापन पॉपअप भी हमारे सामने आने लगते है, ऐसे ही कई तरह की समस्याएँ उत्पन्न होने लगती है जिससे बचना हमारे लिए जरुरी हो जाता है।

पर क्या आपको पता है कि ये ब्लोटवेयर क्या होता है, ये हमारे सिस्टम में कहाँ से आते है और हम इससे कैसे बचें? अगर ऐसे ही सवालों के बारे में जानने के लिए यहाँ तक आयें है तो आप सही जगह है क्योंकि आज हमलोग इस आर्टिकल में ब्लोटवेयर के बारे में ही चर्चा करने जा रहे है इसलिए आपसे आग्रह है कि पूरी आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पढ़ें….

ब्लोटवेयर क्या है? Bloatware kya hai?

Bloatware kya hai?

सामान्य रूप से ब्लोटवेयर जिसे Potentially Unwanted Programs (PUP) भी कहा जाता है, ये कोई एक विशेष हानिकारक वायरस अथवा संवेदनशील चीजें नहीं है बल्कि यह भी हमारे कंप्यूटर या मोबाइल में मोजूद एक सॉफ्टवेयर ही होता है परंतु यह सॉफ्टवेयर हमारे लिए किसी विशेष काम का नहीं होता इसलिए यह हमारे सिस्टम में रहकर रिसोर्सेज को यूज़ करके बेवजह परफॉर्मेंस को डाउन कर देता जिस कारण ये हमारे के लिए हानिकारक हो जाता।

ज्यादातर ब्लोटवेयर हमारे सामने स्क्रीन पर दिखाई नहीं देता है परन्तु बैकग्राउंड में चल रहा होता है और डिवाइस के रिसोर्सेज को यूज़ कर रहा होता है जिससे हमारे डिवाइस की परफॉरमेंस डाउन होना आम बात है। इन समस्याओं से बचने के लिए हमें इसे हटाने की जरुरत पड़ती है। हालाँकि कुछ ब्लोटवेयर को हटाना आसान होता है पर कुछ ब्लोटवेयर को हटाना बहुत ही कठिन कार्य होता है।

संक्षेप में ब्लोटवेयर के बारे में हम इस प्रकार से कह सकते है कि, किसी भी मोबाइल अथवा लैपटॉप मैं उपयोगी एप्लीकेशन, यूटिलिटीज इत्यादि के साथ-साथ इनस्टॉल रहने वाले वैसे अनुपयोगी सॉफ्टवेयर जिसका इस्तेमाल हमारे द्वारा नहीं किया जाता हो या जो हमारे काम का नहीं हो वैसे एप्लीकेशन या यूटिलिटीज को ब्लोटवेयर कहा जाता है।

ब्लोटवेयर हमारे सिस्टम में कहाँ से आता है और इसका क्या उदेश्य होता है?

ब्लोटवेयर हमारे सिस्टम में मुख्यतः दो सोर्स से आते है, जिनमे से पहला होता है मैन्युफैक्चरर कंपनी के द्वारा ही पहले से इन्सटाल्ड ब्लोटवेयर और दूसरा होता है यूजर के द्वारा इन्टरनेट के माध्यम से इनस्टॉल किया गया ब्लोटवेयर

किसी भी डिवाइस मैन्युफैक्चरर कंपनी के द्वारा ब्लोटवेयर देने के कई उदेश्य होते है जैसे- कई ब्लोटवेयर उसी कंपनी के द्वारा Develop किये गए होते है जिस कंपनी के डिवाइस होते है जो Promotion के तोर पर Trail Version में Pre Installed हमें देते है बाद में हम उसे खरीद करके यूज़ करते है जिससे उसको मुनाफा होता है, कई ऐसे भी ब्लोटवेयर होते है जो किसी थर्ड-पार्टी डेवलपर के होते है पर डिवाइस बनाने वाली कंपनी उससे पैसे लेकर Promotion के लिए अपनी डिवाइस में Pre Installed देते है, कुछ ब्लोटवेयर ऐसे भी होते है जो हमारे सामने विज्ञापन दिखाकर पैसे कमाने के उदेश्य से दिए गए होते है जो यूजर को सबसे ज्यादा तंग करते है।

बाहरी सोर्स अर्थात जाने-अनजाने में इन्टरनेट से डाउनलोड करके इनस्टॉल हुई ब्लोटवेयर सबसे ज्यादा खतरनाक होते है क्योंकि ये कुछ भी कर सकते है और इसके कुछ भी उदेश्य हो सकते है यानि ये हानिकारक वायरस भी हो सकते है जो आपके सिस्टम में छुपकर आपकी डाटा चुरा सकता है, आपकी डाटा डिस्ट्रॉय कर सकता है, आपकी डाटा एन्क्रिप्ट कर सकता है, बार-बार फालतू के विज्ञापन दिखा सकता है, सिस्टम हैंग कर सकता है, यहाँ तक की यह आपके सिस्टम पर पूरी तरह कण्ट्रोल बना सकता है और आपके हर एक गतिविधि को ट्रैक कर सकता है।

हालाँकि इससे बचना बहुत ही आसान होता है क्योंकि यह आपके गलती से आता है इसलिए हम सतर्क हो जाएँ और इन्टरनेट से फालतू के एप्लीकेशन, यूटिलिटी इत्यादि डाउनलोड करके इनस्टॉल ना करें तो यह हमारे सिस्टम में नहीं आ सकता है, साथ ही इससे बचने के लिए हम एक अच्छे एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर का भी इस्तेमाल कर सकते है।

ब्लोटवेयर कितने तरह के होते है?

किसी भी सिस्टम या गैजेट में मुख्य रूप से तीन तरह के ब्लोटवेयर पाए जाते है, जिनमे से पहला होता है- Utility Type Bloatware, दूसरा होता है- Trialware Type Bloatware और तीसरा होता है- Adware Type Bloatware.

Utility:

इस प्रकार के ब्लोटवेयर किसी भी डिवाइस में ज्यादातर मैन्युफैक्चरर कंपनी के द्वारा अपनी Develop की गई या किसी थर्ड-पार्टी डेवलपर दे द्वारा Develop की गई ब्लोटवेयर यूटिलिटीज़ के तोर पर Pre Installed दिया जाता है, जो आपकी डिवाइस की परफॉरमेंस और फंक्शनलिटी को बढ़ाने के लिए दिया गया होता है, जो ज्यादातर हानिकारक तो नहीं होते है पर अगर वे हमारे लिए उपयोगी नहीं है तो वे बेवजह उस डिवाइस के रिसोर्स को यूज़ करते है जो एक तरह का ब्लोटवेयर ही है।

हालाँकि हम इसे हटा सकते है पर यहाँ भी थर्ड-पार्टी ब्लोटवेयर (यूटिलिटीज) को अपने डिवाइस से हटाना तो आसान होता है पर मैन्युफैक्चरर कंपनी के यूटिलिटीज को हटाने के लिए हमें एडवांस नॉलेज होना जरुरी होता है क्योंकि इसे हटाना बहुत ही कठिन होता है।

Trialware:

इस तरह के ब्लोटवेयर ज्यादातर विंडोज कंप्यूटर में पाए जाते है जो सिस्टम के साथ ही कई तरह के सॉफ्टवेयर के तोर पर Trail Version में Pre-Loaded आते है जिसको कुछ दिन यूज़ करने के बाद में हमें लाइसेंस लेना पड़ता है अर्थात खरीदना पड़ता है। ऐसे ही कुछ एप्लीकेशन मोबाइल, टेबलेट इत्यादि में भी हो सकते है। ये सॉफ्टवेयर या कहें तो ब्लोटवेयर हमारे सिस्टम के लिए हानिकारक नहीं होते है परन्तु अगर यदि वे सॉफ्टवेयर हमारे यूज़ के नहीं होते है तो वे बेवजह हमारे सिस्टम के रिसोर्सेज को यूज़ करते है और परफॉरमेंस कमजोर कर देते है।
हालाँकि कंप्यूटर सिस्टम में पाए जानेवाले इस तरह के ब्लोटवेयर को हटाना आसान होता है।

Adware:

इस तरह के ब्लोटवेयर किसी भी डिवाइस में ज्यादातर इन्टरनेट के माध्यम से डाउनलोड किये जाने वाले एप्लीकेशन के साथ आते है और ये होते तो है एप्लीकेशन या यूटिलिटीज के रूप में पर काम अच्छे-बुरे दोनों तरह के करते है। यह ब्लोटवेयर ज्यादातर बार-बार विज्ञापन का पॉपअप दिखाने का काम करता जिससे हमारे सिस्टम की परफॉरमेंस डाउन होने के साथ-साथ हमें तंग जैसी अनुभूति भी होती है। इस ब्लोटवेयर को बनाने का उदेश्य डेवलपर का विज्ञापन के माध्यम से पैसा कमाना होता है। इस तरह के ब्लोटवेयर डेवलपर द्वारा डिवाइस-मैन्युफैक्चरर कंपनी को पैसे देकर भी डिवाइस में Per-Install करवाई जाती है जिस कारण कई डिवाइस में Adware टाइप के Bloatware साथ भी आते है।

क्या सभी ब्लोटवेयर हानिकारक होते है?

जब बात आती है की क्या सभी ब्लोटवेयर हानिकारक होते है तो इसका जबाब है नहीं, क्योंकि जिसे हम ब्लोटवेयर कह रहे है हो सकता है की उस डिवाइस में वे फंक्शनलिटी को बढ़ाने के उदेश्य से दिया गया हो फिर भी वे हमारे किसी काम का नहीं हो तो कोई बात नहीं पर उदेश्य तो पॉजिटिव ही है, वे किसी अन्य के लिए काम का हो सकता है।

हालाँकि सभी ब्लोटवेयर अच्छे नहीं होते है जैसे Adware टाइप के Bloatware ये हमारे लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि ये ज्यादातर हमें हानि ही पहुंचाते है लाभ नहीं।

वैसे ज्यादातर यूजर ब्लोटवेयर से इसलिए डरते है क्योंकि वे हमारे सिस्टम के रिसोर्सेज को बिना काम के यूज़ करते रहते है जिससे बेवजह हमारी सिस्टम की परफॉरमेंस डाउन होती है। इसलिए वैसे ब्लोटवेयर को रखने से हटा देना ही बेहतर होता है जिसकी हमें जरुरत नहीं है और जो हमें हानि पहुंचा सकते है।

क्या हमें ब्लोटवेयर को हटाना चाहिए?

जब बात आती है ब्लोटवेयर को हटाने की तो इसका सीधा जबाब यह है की हमेशा केवल उसी ब्लोटवेयर को हमें हटाना चाहिए जिसके बारे में हमें अच्छी तरह पता हो की वे एक ब्लोटवेयर है और वे हमारे किसी काम का नहीं है, जाने-अनजाने में हर एक उपयोगी सॉफ्टवेयर को ब्लोटवेयर समझ कर हटा देना हमारे लिए ही भारी पड़ सकता है क्योंकि कई बार जिसे हम ब्लोटवेयर समझ रहे होते है वे उस सिस्टम का कोई एक सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है जो उस सिस्टम को चलने के लिए जरुरी होता है जिसे हटा देने के बाद आपके सिस्टम में परेशानी आ सकती है, इसलिए ब्लोटवेयर हमेशा सोच-समझकर ही हटाना चाहिए।

एंड्राइड फ़ोन से ब्लोटवेयर कैसे हटायें?

अगर यदि आप अपने स्मार्टफ़ोन से ब्लोटवेयर हटाना चाहते है तो आप अपने Smartphone के App Setting में जाकर हटा सकते है, इसके लिए इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते है....

Step 1.
सबसे पहले अपने Mobile में Settings ओपन करें....

Step 2.
अब "App Management" या "Apps" के Option पर क्लिक करें....

Step 3.
अब उस App (Bloatware) को ढूंढ़े जिसे आप हटाना चाहते हैं....

Step 4.
अब उस App को Select करके Uninstall के Button पर क्लिक करें.... इसके बाद वो App आपके मोबाइल फ़ोन से गायब हो जाएगी।

नोट: अलग-अलग तरह के फ़ोन के सेटिंग में आप्शन थोडा अंतर हो सकता है इसलिए आप ढूंढ लें, साथ ही ये जरुरी नहीं है इन स्टेप्स को फॉलो करने से सभी ब्लोटवेयर Uninstall किये जा सके क्योंकि कुछ फोन में बहुत ऐसे Apps होते है जिसे सेटिंग के माध्यम से Uninstall करने की अनुमति यूजर के पास नहीं होती है, ऐसे Apps को हटाने के लिए आपको अपना फ़ोन Root करना पड़ता है जो थोडा एडवांस और लेंदी प्रोसेस है, किसी सिस्टम को Root करने से पहले आपको उसके बारे में अच्छी तरह पता होना जरुरी होता है।

विंडोज कंप्यूटर से ब्लोटवेयर कैसे हटायें?

विंडोज कंप्यूटर से Bloatware को वैसे ही हटाया जाता है जैसे हम किसी भी Software को Uninstall करते हैं इसके लिए आप निचे दिए Steps को Follow कर सकते है:-

Settings Option के जरिये किसी सॉफ्टवेयर (ब्लोटवेयर) को हटाने के Steps....

Step 1.
सबसे पहले Start Menu पर क्लिक करें, फिर "Settings" आप्शन पर क्लिक करें या सर्च बॉक्स में Setting टाइप करके सर्च करें और क्लिक करके ओपन करें....

Step 2.
अब Settings में Apps पर क्लिक करें, "Apps & Features" Option को सेलेक्ट करें....

Step 3.
अब उस Bloatware App पर क्लिक करके सेलेक्ट करें, जिसे आप हटाना चाहते हो....

Step 4.
Select करने के बाद Uninstall ऑप्शन पर Click करें और आगे उसके द्वारा मांगे जानेवाले परमिशन दें.... Uninstalling Process पूरा होने के पश्चात वो सॉफ्टवेयर या ब्लोटवेयर आपके सिस्टम से हट जाएगी।


Control Panel के जरिये सॉफ्टवेयर (ब्लोटवेयर) को हटाने के Steps....

Step 1.
सबसे पहले Start Menu के All Application के लिस्ट में निचे की ओर मोजूद Windows System फोल्डर में जाकर Control Panel पर क्लिक करके ओपन करें या सर्च बॉक्स में Control Panel टाइप करके सर्च करें और ओपन करें....

Step 2.
अब Programs के अंदर Programs & Features के ऑप्शन पर क्लिक करें....

Step 3.
अब Targeted Bloatware पर Right Click करके Uninstall पर करें और आगे उसके द्वारा मांगे जानेवाले परमिशन दें.... Uninstalling Process पूरा होने के पश्चात वो सॉफ्टवेयर या ब्लोटवेयर आपके सिस्टम से हट जाएगी।

इन्हें भी देखें:→

निष्कर्ष (Conclusion):
फ्रेंड्स हम आशा करते है की हमारे द्वारा Bloatware के बारे में लिखी गयी इस आर्टिकल के माध्यम से आपको अच्छी तरह पता चल गया होगा की “Bloatware क्या होता है” फिर भी किसी प्रकार की कोई कंफ्यूजन रह गयी हो तो कमेंट के माध्यम से बेझिझक पूछ सकते है। यह आर्टिकल आपको कैसी लगी उसकी फीडबैक कमेंट के माध्यम से जरुर दें ताकि हमें भी इस आर्टिकल की गुणवत्ता का पता लग सके, साथ ही अगर यदि यह आर्टिकल आपको पसंद आई हो तो अपने फ्रेंड सर्किल में शेयर जरुर करें। इसी तरह की टेक्नोलॉजी से सम्बंधित और भी आर्टिकल पढ़ते रहने के लिए Comtechinhindi.IN से जुड़ें रहें...धन्यवाद!

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad