सर्वर क्या है | Server kya hai | What is server in hindi?

सर्वर क्या है? What is server in hindi?

फ्रेंड्स हम में से जो भी लोग कंप्यूटर या टेक्नोलॉजी के बारे में जानने के लिए अपनी दिलचस्पी रखते है उन्हें कभी न कभी कंप्यूटर के एक ऐसे टर्म के बारे में सुनने को मिला होगा जिसका नाम है सर्वर, ऐसे में जिन्हें इसके बारे में जानकारी होगी उन्हें अच्छी तरह पता होगा सर्वर क्या होता है, पर जिन लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है उनके लिए यह आर्टिकल हेल्पफुल होने वाली है, क्योंकि आज हमलोग इस आर्टिकल में सर्वर क्या होता है, सर्वर कितने प्रकार के होते है, सर्वर क्या काम करता है, सर्वर कैसे काम करता है, इत्यादि तरह के इससे जुड़े प्रश्न को कवर करने जा रहे है इसलिए आपसे आग्रह है कि पूरी आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पढ़ें। तो चलिए शुरू करते है....

सर्वर क्या है? Server kya hai?

Server kya hai
Server शब्द की उत्पत्ति अंग्रजी के Serve शब्द से हुई है जिसका अर्थ होता है सेवा देना या परोसना अर्थात वैसे कंप्यूटर जो दूसरे क्लाइंट कंप्यूटर को कोई भी Service देने का काम करता है उसे Server Computer कहा जाता है।
सर्वर वास्तव में कोई खास चीज नहीं बल्कि यह भी एक कंप्यूटर ही होता है परंतु यह एक सामान्य कंप्यूटर नहीं बल्कि यह एक Special Purpose Computer होता है जिसे किसी एक कार्य को करने के लिए इस तरह बनाया जाता है कि वह 24*7 हमेशा कार्य कर सके।
सर्वर कंप्यूटर को हम आकार के आधार पर विभाजित नहीं कर सकते क्योंकि यह कार्य तथा क्षमता के आधार पर छोटे या बड़े हो सकते है। हालाँकि जो सर्वर बड़े स्तर पर डाटा मैनेजमेंट करने की क्षमता रखते है (जैसे Google, Amazon, Microsoft, Facebook की Server) वो ज्यादातर आकार में बड़े ही होते है क्योंकि इसमें हजारों लाखों की संख्यां में Hard Disk (SAS), Processor, RAM, Power Supply इत्यादि लगे होते है। इसमें लगने वाले सभी हार्डवेयर पार्ट्स उच्च गुणवत्ता वाले होते है ताकि यह 24*7 कार्य करने के वाबजूद भी उसकी लाइफ लंबी रहे।

अब बात करें इसमें यूज़ किये जानेवाले सॉफ्टवेयर की तो सर्वर में यूज़ किये जानेवाले सॉफ्टवेयर भी हमारे Personal Computer के सॉफ्टवेयर से अलग होते है। सर्वर में ज्यादातर Linux Operating System यूज़ किये जाते है, हालाँकि Linux के अलावे Windows Server जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम का भी यूज़ किया जा सकता है। इसके ऑपरेटिंग सिस्टम को इस तरह डिजाईन किये जाते है कि इसमें लगे हार्डवेयर पार्ट्स का 100% Utilization हो सके। क्योंकि सर्वर के निर्माण में बहुत ही ज्यादा लागत लगती है इसलिए जब से Multi Core Processor आने लगे है खास करके तब से ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम की जरुरत पड़ने लगी है जो प्रोसेसर के सभी कोर की 100% Utilization करवा सके। ऐसे में इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम को Virtualization Technology की मदद से कई भागों में बांटकर प्रोसेसर के सभी कोर से Parallelly Communicate करवाया जाता है ताकि उसके प्रोसेसर से 100% काम करवाकर Return On Investment हो सके।

बड़े पैमाने पर सर्वर के निर्माण में बहुत ही ज्यादा लागत लगती है इसलिए सर्वर का निर्माण करवाना छोटी कंपनियों के लिए कोई आम बात नहीं है इसका निर्माण Google, Facebook जैसे कोई बड़ी कंपनियां ही करवा सकती है। हालाँकि Google, Amazon, Microsoft जैसी बहुत ऐसी कंपनियां है जो अपनी लागत से सारे Resources लगाती है और सर्वर का निर्माण करवाकर जरुरत के अनुसार क्लाइंट के साथ Resources को रेंट पर बेचती है जिसे छोटी-छोटी कंपनियां, बैंक, आम यूजर जैसे क्लाइंट Website Hosting, Cloud Storage, Cloud Computing के उद्देश्य से रेंट पर लेती है।

सर्वर के कार्य? Server ke karya?

सर्वर के कार्य की बात करें तो यह मुख्य रूप से दूसरे क्लाइंट कंप्यूटरों को अलग-अलग तरह की सर्विस देने का काम करता है, यह सर्विस ऑनलाइन भी हो सकता है या ऑफलाइन भी हो सकता है। वैसे सर्वर का वृहत पैमाने पर ज्यादातर उपयोग क्लाइंट यानि दूसरे कंप्यूटर उपयोगकर्ता को ऑनलाइन क्लाउड सर्विस जैसे- Hosting Service, Cloud Storage Service, Cloud Computing Service देने के लिए किया जाता है। इसमें किसी बड़ी कंपनी के द्वारा स्थापित किये गए सर्वर के Resources को छोटी-छोटी आर्गेनाइजेशन या पर्सनल यूजर रेंट पर लेकर ऑनलाइन कहीं से भी इंटरनेट के माध्यम से एक्सेस या उपयोग करती है। इसका एक छोटा सा उदहारण है Google Drive, जिसमे हम सभी के लिए एक Gmail Id पर 15GB Storage बिलकुल फ्री में उपयोग करने के लिए दिया जाता है। इस 15GB Space में हम जो भी डाटा रखते है वह डाटा Google के Server पर Store होता है। हालाँकि सभी Cloud Service Provider की अपनी एक Policies होती है जिसका हमें पालन करना पड़ता है, इसके Policies का उल्लंघन करने का खामियाजा खुद को भुगतना पड़ता है, इसलिए किसी भी कंपनी का Cloud Service उपयोग करने से पहले हमें उसके Policies को जान लेना चाहिए।

ऑफलाइन में सर्वर छोटे स्तर पर अपने क्लाइंट को कोई सर्विस जैसे- Software Service, Data Storage Service, Printing Service इत्यादि देने का काम करता है। इसका एक छोटा सा उदहारण है Cyber Cafe, School, Office में बनाये जानेवाला Server Client Network जो एक Local Area Network होता है, इसमें एक High End Computer होता है जिसको Server बनाया जाता है जिसमे सभी उपयोगी सॉफ्टवेयर होते है और बांकी Low End कंप्यूटर होता है जिसको Client बनाया जाता है, इन सभी कंप्यूटर को आपस में Local Area Network के माध्यम से एक दूसरे को जोड़ दिया जाता है और सभी क्लाइंट के लिए Server के Resources का एक्सेस दे दिया जाता है जिससे सभी क्लाइंट Server के Resources का उपयोग करके अपने-अपने कार्य को करता है। इसमें Server एक मेनेजर की तरह कार्य करता है।

इसके अलावा इन्टरनेट पर हम सभी Google, Youtube, Facebook जैसे जिस भी बड़े प्लेटफॉर्म का उपयोग करते है, जहाँ पर बड़ी मात्रा में कंटेंट उपलब्ध होती है उसकी अपनी बड़ी-बड़ी Server होती है जिसपर हमारे द्वारा या उसके द्वारा Upload किया जानेवाला सारी Content (Data) हमेशा मौजूद रहता है। जैसे- Youtube पर जो भी Video Upload करते है वह यूट्यूब के Server पर सुरक्षित रहता है, Facebook पर हम सभी जो भी कंटेंट डालते है वह Facebook के सर्वर पर सुरक्षित रहता है, इसी कारण इन सभी प्लेटफार्म पर कोई भी कंटेंट पब्लिक को हमेशा उपलब्ध हो पाती है।

सर्वर कितने प्रकार के होते है? Server kitne prakar ke hote hai?

Home Server:

यह एक ऐसा सर्वर होता है जिसे कोई भी उपयोगकर्ता खुद के कम्प्यूटेशनल उपयोग के लिए स्थापित करता है । यह सर्वर ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों तरह के कार्यों के लिए हो सकते है यह उपयोगकर्ता पर निर्भर करता है की इसके अंतर्गत कोन-कोन सी सुविधाएँ को प्राप्त करने के लिए स्थापित किया है।

Web Server:

वेब सर्वर एक ऐसा सर्वर होता है जो किसी वेबसाइट को चलाने के लिए उसपर मोजूद सारी सामग्री को हैंडल करने का काम करता है। यह वेबसाइट के सभी Page, Content इत्यादि को स्टोर तथा मैनेज करके रखता है और जब उस वेबसाइट पर आनेवाले विजिटर किसी भी कंटेंट या पेज का डिमांड करता है तो उसे डिलीवर करता है।

File Server:

फाइल सर्वर कंप्यूटर की सभी तरह की फाइल्स को स्टोर तथा मैनेज करने का काम करता है। यह सर्वर एक Home Server की तरह हो सकता है जिसका उपयोग ऑनलाइन क्लाउड स्टोरेज की तरह या ऑफलाइन एक शेयर्ड कंप्यूटर की तरह भी किया जा सकता है।

Proxy Server:

प्रॉक्सी सर्वर या जिसे केवल प्रॉक्सी भी कहा जाता है, यह इन्टरनेट की दुनियां में पाए जानेवाला एक ऐसा सर्वर होता है जो यूजर और इन्टरनेट के बीच एक Gateway की तरह कार्य करता है। इसका उपयोग ज्यादातर सिक्यूरिटी के उदेश्य से किया जाता है।

Mail Server:

मेल सर्वर या जिसे ईमेल सर्वर भी कहा जाता है, यह ईमेल मैनेजमेंट के उदेश्य से बनाया गया सर्वर होता है।

Application Server:

एप्लीकेशन सर्वर क्लाउड कंप्यूटिंग के उदेश्य से बनाया जानेवाला सर्वर होता है। यह सर्वर ऑनलाइन क्लाउड सर्विस मॉडल के आधार पर यूजर को सॉफ्टवेर मुहैया करवाने का काम करता है।

सर्वर डाउन का मतलब क्या है? Server down ka matlab kya hota hai?

हम सभी को कई बार Bank में, Cyber Cafe में या Ticket Counter जैसे स्थानों पर जब उसकी ऑफिसियल साइट सही से नहीं खुलती है तो हमें बताया जाता है कि Server Down चल रहा है। इस तरह की Server Down वाली समस्या के बारे में हमें कई Site को खुलने के वक्त सुनने को मिलता है पर क्या आपको पता है कि ये सर्वर डाउन होता क्या है।

हम सभी जान रहे है कि कोई भी साइट खुलता तो है उसके Domain Name (जैसे-example.com) से परंतु उसपर मौजूद सभी डाटा किसी एक Server पर Host की गयी होती है जो Access करने पर हमें मिलती है। ऐसे में जिस भी Owner की या Organization की वह वेबसाइट होती है वह किसी Hosting Service Provider से Hosting खरीदी होती है और Website Host कराई होती है। ये Hosting कोई एक Server पर ही रहता है और Hosting भी अलग-अलग Rent Plan में अलग-अलग Bandwidth में मिलती है।

अब जब कभी भी उसके Website के Hosting Bandwidth से ज्यादा Traffic एक साथ उस वेबसाइट पर आ जाता है तो उसकी Site Down होने लगती है क्योंकि Suppose अगर यदि आपने 1000 Visitor के हिसाब से होस्टिंग खरीदी और अचानक उसपर 2000 Visitor आ जाये तो ऐसी स्थिति में Traffic जाम जैसी समस्या उत्पन्न होना लाजमी है। इसी कंडीशन में Site नहीं खुलने लगती है और Server Down कहा जाता है।


फ्रेंड्स हमें उम्मीद है की इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको सर्वर के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला होगा, फिर भी यदि किसी प्रकार की कोई समस्या रह गयी हो तो कमेंट के माध्यम से बेझिझक पूछ सकते है। साथ ही अगर यदि यह आर्टिकल आपको पसंद आई हो तो अपने फ्रेंड सर्किल में अधिक से अधिक शेयर करें। Comtech In Hindi से जुड़े रहने के लिए....धन्यवाद!